प्रतापगंज में टीबी मरीजों को छह माह तक मिलेगा पोषण किट, 10 मरीजों को लिया गया गोद
आशीष वर्मा प्रतापगंज (सुपौल)।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) प्रतापगंज में सोमवार को राष्ट्रीय यक्ष्मा उन्मूलन कार्यक्रम (एनटीईपी) के तहत टीबी (यक्ष्मा) से उपचाररत मरीजों के बीच पोषण सामग्री का वितरण किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य उपचाररत मरीजों को पौष्टिक आहार उपलब्ध कराकर उनके शीघ्र स्वास्थ्य लाभ में सहयोग करना है।
पीएचसी प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. आनंद कुमार सिंह ने बताया कि क्षेत्र के चिन्हित 10 टीबी मरीजों को पीएचसी के चिकित्सकों, स्वास्थ्यकर्मियों, जनकल्याण ट्रस्ट एवं सुरजापुर पंचायत के मुखिया महानंद पासवान द्वारा गोद लिया गया है। इन मरीजों को लगातार छह माह तक प्रत्येक माह पोषण सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे उपचार के दौरान उन्हें पर्याप्त पोषण मिल सके और उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत हो।
उन्होंने कहा कि टीबी पूरी तरह से ठीक होने वाली बीमारी है। समय पर जांच, नियमित दवा और पौष्टिक आहार से मरीज पूरी तरह स्वस्थ हो सकते हैं। उन्होंने मरीजों से चिकित्सकों की सलाह के अनुसार पूरा इलाज करने तथा बीच में दवा नहीं छोड़ने की अपील की।

डॉ. आनंद कुमार सिंह ने जनप्रतिनिधियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, स्वयंसेवी संस्थाओं एवं अन्य सक्षम लोगों से भी टीबी मरीजों को गोद लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि यदि अधिक से अधिक लोग मरीजों के पोषण की जिम्मेदारी उठाएं, तो इससे उन्हें बेहतर पोषण मिलेगा और उनके जीवन की रक्षा करने में महत्वपूर्ण मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि जनभागीदारी के बिना “टीबी मुक्त भारत” का लक्ष्य हासिल करना संभव नहीं है।
कार्यक्रम के दौरान मरीजों के बीच दाल, चना, सोयाबीन, मूंगफली, खाद्य तेल सहित अन्य पौष्टिक खाद्य सामग्री का वितरण किया गया। इस अवसर पर स्वास्थ्य विभाग के चिकित्सक, स्वास्थ्यकर्मी, जनप्रतिनिधि एवं अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम में उपस्थित सभी लोगों ने टीबी के प्रति जागरूकता फैलाने तथा मरीजों को हरसंभव सहयोग देने का संकल्प लिया।

