आंधी, बारिश व ओलावृष्टि से भारी तबाही, कई परिवार बेघर, फसलों को भारी नुकसान
आशीष वर्मा ।, सुपौल , प्रतापगंज
प्रखंड क्षेत्र में बुधवार की शाम आए तेज आंधी-तूफान, बारिश, ओलावृष्टि एवं वज्रपात ने भारी तबाही मचा दी। प्राकृतिक आपदा के कारण कई पंचायतों में जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। विशेष रूप से भवानीपुर उत्तर पंचायत के वार्ड संख्या 1, 2, 3 एवं 10 तथा श्रीपुर पंचायत के वार्ड संख्या 12 में स्थिति काफी भयावह बनी हुई है, जहां दर्जनों परिवार बेघर हो गए हैं।

तेज आंधी और ओलावृष्टि के कारण अधिकांश कच्चे मकान क्षतिग्रस्त हो गए। कई घरों की छत उड़ गई, तो कई मकान पूरी तरह धराशायी हो गए। प्रभावित परिवार खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हैं। आंधी की रफ्तार इतनी तेज थी कि मोटे-मोटे पेड़ बीच से टूटकर घरों, बिजली के तारों एवं सड़कों पर गिर पड़े, जिससे विद्युत आपूर्ति और यातायात व्यवस्था बाधित हो गई।
प्राकृतिक आपदा का सबसे अधिक असर किसानों पर पड़ा है। पहले से मौसम की मार झेल रहे किसानों की खेतों में लगी मक्का, जूट सहित अन्य फसलों को व्यापक क्षति पहुंची है। आम लीची की फल को भी नुकसान हुआ है। इससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। कई जगहों पर घरों के चदरे उड़कर दूसरे घरों या दूरस्थ स्थानों पर जा गिरे। तेज हवा के कारण कई मकान मुड़कर जमीन पर गिर पड़े।

आंधी-तूफान के दौरान क्षेत्र में बिजली के दर्जनों पोल भी गिर गए, जिससे ग्रामीण फीडरों की विद्युत आपूर्ति पूरी तरह ठप हो गई है। बिजली बाधित रहने से लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। आंधी इतनी तेज थी कि एन एच 27 किनारे का पेट्रोल पंप का शेड उजड गया वहीं सडक किनारे के घरों को भी काफी नुकसान पहूंचा है।

भवानीपुर उत्तर पंचायत के वार्ड संख्या 1 निवासी मो. अयूब की पत्नी कमरुल खातून पर घर का चदरा गिरने से वह गंभीर रूप से जख्मी हो गईं। वहीं वार्ड संख्या 10 निवासी वीरेंद्र राम सहित अन्य लोगों के भी घायल होने की सूचना है। सभी घायलों का अस्पतालों एवं निजी क्लीनिकों में इलाज चल रहा है।
पंचायत के मुखिया प्रताप बिराजी सहित अन्य जनप्रतिनिधियों एवं गणमान्य लोगों ने प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर पीड़ित परिवारों को शीघ्र राहत सहायता उपलब्ध कराने की मांग प्रखंड एवं जिला प्रशासन से की है। इस संदर्भ में प्रभारी सीओ सह आरओ रिया राज ने बताया कि जानकारी अनुसार गुरूवार की रात अचानक आई आंधी से क्षति होने की सूचना मिली है। मै अपने स्तर से राजस्व कर्मचारी को क्षति के आकलन के लिए घटनास्थल पर भेजा है। आवेदन आने पर पीडित परिवारों को आपदा नियम के तहत जो प्रावधान होगा उसके अनुकुल क्षतिपूर्ति दी जायेगी।

