RITM में “फ्यूचर रेडी : आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, साइबर सुरक्षा एवं उभरती तकनीकें” विषय पर कार्यशाला आयोजित ।
“सीखते हुए कमाई” (Earn While Learn) की अवधारणा पर विशेष जोर
फारबिसगंज :
Rungta Institute of Technology and Management (RITM) परिसर में विद्यार्थियों एवं युवाओं को आधुनिक तकनीकों एवं डिजिटल भविष्य के लिए तैयार करने के उद्देश्य से “फ्यूचर रेडी : आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, साइबर सुरक्षा एवं उभरती तकनीकें” विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य छात्रों को नवीनतम तकनीकी विकास, डिजिटल सुरक्षा एवं तेजी से उभरते तकनीकी क्षेत्रों के प्रति जागरूक करना था।

कार्यक्रम के मुख्य वक्ता साइबर सुरक्षा इंजीनियर एवं तकनीकी विशेषज्ञ मो. दानिश आबिद रहे। उन्होंने विद्यार्थियों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग, जनरेटिव एआई, साइबर सुरक्षा, एथिकल हैकिंग एवं डिजिटल सुरक्षा जैसे विषयों की विस्तृत एवं व्यावहारिक जानकारी प्रदान की। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में तकनीकी कौशल रखने वाले विद्यार्थी पढ़ाई के साथ-साथ विभिन्न डिजिटल माध्यमों एवं तकनीकी परियोजनाओं के जरिए “सीखते हुए कमाई” (Earn While Learn) की अवधारणा को अपनाकर आत्मनिर्भर बन सकते हैं।
उन्होंने विद्यार्थियों को फ्रीलांसिंग, डिजिटल सेवाएं, साइबर सुरक्षा परियोजनाएं, कंटेंट डेवलपमेंट, एआई आधारित कार्य एवं ऑनलाइन तकनीकी प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से अध्ययन के दौरान ही रोजगार एवं आय के अवसर प्राप्त करने की जानकारी दी। वक्ता ने कहा कि आने वाले समय में कौशल आधारित शिक्षा एवं तकनीकी दक्षता युवाओं की सबसे बड़ी शक्ति होगी।
कार्यशाला के दौरान क्लाउड कंप्यूटिंग, ब्लॉकचेन तकनीक, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), रोबोटिक्स एवं ऑटोमेशन तथा डेटा साइंस जैसे उभरते क्षेत्रों में उपलब्ध रोजगार एवं करियर अवसरों पर भी विस्तार से चर्चा की गई। विद्यार्थियों को निरंतर सीखने, नवाचार को अपनाने एवं तकनीकी कौशल विकसित करने के लिए प्रेरित किया गया।
इस अवसर पर संस्थान के प्राचार्य डॉ. राशिद हुसैन, प्रशासनिक पदाधिकारी एस. बी. कुमार, गौरव कुमार, उत्कर्ष कुमार सहित शिक्षकगण एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
एमडीएमएस, अररिया के निदेशक डॉ. संजय प्रधान ने कार्यक्रम के लिए अपनी शुभकामनाएं एवं प्रेरणादायी संदेश प्रेषित किया।
अपने संदेश में डॉ. संजय प्रधान ने कहा कि आज का युग तकनीक एवं नवाचार का युग है तथा युवाओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एवं साइबर सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में दक्ष बनाना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। उन्होंने विद्यार्थियों को तकनीक का सकारात्मक, सुरक्षित एवं जिम्मेदार उपयोग करने के लिए प्रेरित किया।
आर.के. रूंगटा चैरिटेबल ट्रस्ट के अध्यक्ष श्री महावीर प्रसाद रूंगटा ने अपने संदेश में कहा कि संस्थान का उद्देश्य विद्यार्थियों को केवल शैक्षणिक ज्ञान देना नहीं, बल्कि उन्हें तकनीक-सक्षम, आत्मनिर्भर एवं उद्योगोन्मुख बनाना है ताकि वे भविष्य की चुनौतियों का सफलतापूर्वक सामना कर सकें।
ट्रस्टी श्रीमती उर्मिला रूंगटा ने कहा कि निरंतर सीखने की प्रवृत्ति, अनुशासन एवं तकनीकी जागरूकता ही युवाओं को भविष्य के लिए तैयार बनाती है। उन्होंने विद्यार्थियों को नई तकनीकों को सीखने एवं सकारात्मक दिशा में उपयोग करने के लिए प्रेरित किया।
प्राचार्य डॉ. राशिद हुसैन ने कहा कि इस प्रकार की कार्यशालाएं विद्यार्थियों को कक्षा शिक्षण के साथ-साथ व्यावहारिक ज्ञान एवं उद्योग की वर्तमान आवश्यकताओं को समझने का अवसर प्रदान करती हैं। उन्होंने कहा कि संस्थान भविष्य में भी विद्यार्थियों के कौशल विकास एवं तकनीकी उन्नयन हेतु इस प्रकार के कार्यक्रम आयोजित करता रहेगा।
कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों को तकनीकी प्रदर्शन, विशेषज्ञों के साथ संवाद, करियर मार्गदर्शन एवं सहभागिता प्रमाणपत्र प्रदान किए गए। विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए विभिन्न तकनीकी विषयों पर प्रश्न पूछे तथा विशेषज्ञों से उपयोगी जानकारी प्राप्त की।
कार्यक्रम का समापन तकनीक-सक्षम, सुरक्षित एवं नवाचार आधारित भविष्य के निर्माण के सामूहिक संकल्प के साथ हुआ।

