ब्याहुत कलवार संघ ने धूमधाम से मनाया बलभद्रर पूजा, दिवजागरण के साथ भक्तिमय हुआ माहौल।

आशीष वर्मा , प्रतापगंज, सुपौल

ब्याहुत कलवार संघ की ओर से बुधवार को कुलगुरु भगवान बलभद्र (बलराम) का जन्मोत्सव हर्षोल्लास और श्रद्धा के साथ मनाया गया। इस अवसर पर पारख जैन भवन को आकर्षक ढंग से सजाया गया था। यहां भगवान बलराम की प्रतिमा स्थापित कर महिला, पुरुष और बच्चों ने विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना की। पंडित बलराम शर्मा के मंत्रोच्चारण के बीच श्रद्धालुओं ने पूजा में भाग लिया और सामूहिक आरती की।
पूजा के संकल्पकर्ता संघ के उपाध्यक्ष अवधेश कुमार भगत और उनकी पत्नी कंचन देवी थीं। दंपती ने विधिवत पूजा-अर्चना कर समाज, परिवार और देश में सुख-शांति, समृद्धि और खुशहाली की कामना की।


इस अवसर पर पंडित बलराम शर्मा ने कहा कि ब्याहुत कलवार समाज के कुलगुरु भगवान बलभद्र की पूजा का आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और पारिवारिक जीवन में विशेष महत्व है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार कुलगुरु बलभद्र की आराधना से घर-परिवार में सुख-शांति और समृद्धि की कामना की जाती है। उन्होंने कहा कि भगवान बलभद्र को शक्ति, बल और कृषि का देवता माना जाता है। उनकी पूजा से शारीरिक एवं मानसिक बल, साहस और पराक्रम की प्राप्ति का विश्वास है।
उन्होंने कहा कि भगवान बलभद्र की पूजा और धार्मिक-सांस्कृतिक आयोजनों से समाज में आपसी भाईचारा, एकता और सांस्कृतिक मूल्यों को बढ़ावा मिलता है। भगवान बलभद्र का सरल मंत्र ‘ॐ बलभद्राय नमः’ है। भगवान बलराम को बलदेव और बलभद्र के अलावा संकर्षण, हलधर और हलायुध के नाम से भी जाना जाता है। वे भगवान श्रीकृष्ण के बड़े भाई हैं।
कार्यक्रम में शामिल होने के लिए सुबह से ही श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया था। संघ के आमंत्रण पर छातापुर, उधमपुर, जीवछपुर, पड़ियाही, मधुबनी, प्रतापगंज, सूरजापुर, सिमराही और सरायगढ़ सहित विभिन्न क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। महिलाओं, पुरुषों और बच्चों ने उत्साह के साथ पूजा एवं जन्मोत्सव कार्यक्रम में भाग लिया।
जन्मोत्सव के अवसर पर सांस्कृतिक कार्यक्रम, संकीर्तन और महाप्रसाद का भी आयोजन किया गया। संघ के अध्यक्ष विमलेश कुमार भगत के अनुसार
कार्यक्रम को सफल बनाने में उपाध्यक्ष अवधेश भगत, सचिव अभिषेक भगत, कोषाध्यक्ष निर्मल कुमार भगत, पूर्व अध्यक्ष राजकिशोर भगत, अशोक भगत, राजकुमार भगत, संतोष भगत, कैलाश भगत, दीपक भगत, सौरभ भगत निखिल भगत और बम-बम भगत सहित संघ के सदस्यों का सराहनीय योगदान रहा।

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