बालिक छात्रावास की सब्जी में मिली छिपकली, 75 छात्राएं पहुंचीं अस्पताल।
खाना खाने के बाद छात्राओं की बिगड़ी तबीयत, सीएचसी में कराया गया इलाज
एसडीएम और एसडीपीओ ने अस्पताल पहुंचकर लिया जायजा, होगी उच्चस्तरीय जांच
आशीष वर्मा , सुपौल
प्रतापगंज स्थित पब्लिक उच्च विद्यालय परिसर स्थित बालिका छात्रावास में गुरुवार को दोपहर का खाना खाने के दौरान सब्जी में छिपकली मिलने से हड़कंप मच गया।

घटना की सूचना फैलते ही छात्रावास में रह रही छात्राओं में घबराहट फैल गई। इसके बाद कुछ खाना खाने वाली छात्राओं को उल्टी, जी मिचलाने और चक्कर आने की शिकायत होने लगी। स्थिति की गंभीरता को देख स्कूल प्रबंधन ने बिना देर किए सभी प्रभावित छात्राओं को इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) पहुंचाया। वहां चिकित्सकों की टीम ने उनका उपचार शुरू किया।

जानकारी अनुसार छात्रावास में कक्षा नौ से 12वीं तक की छात्राएं रहती हैं। दोपहर में भोजन के दौरान छात्रा गंगा कुमारी की नजर सब्जी में पड़ी छिपकली पर गई। बताया जाता है कि छिपकली दिखाई देने से पहले वह आधा खाना खा चुकी थी। सब्जी में छिपकली मिलने की बात सामने आते ही छात्रावास में अफरातफरी मच गई। खाना खा चुकी अन्य छात्राएं भी घबरा गईं। कुछ छात्राओं को उल्टी होने लगी, जबकि कुछ ने चक्कर आने और जी मिचलाने की शिकायत की।

एक साथ 75 छात्राओं को सीएचसी पहुंचाए जाने के बाद अस्पताल में अफरातफरी मच गई। चिकित्सकों ने छात्राओं की जांच कर इलाज शुरू किया। प्रीति कुमारी, कोमल कुमारी, पूजा कुमारी, रूपा कुमारी, मोनू कुमारी, श्वेता कुमारी और सोनी कुमारी सहित अन्य छात्राओं को स्लाइन, इंजेक्शन और जरूरी दवाएं दी गईं। चिकित्सकीय टीम लगातार छात्राओं की स्थिति पर नजर रखे रही। इस दौरान कई छात्राओं में घटना की जानकारी मिलने के बाद घबराहट के कारण भी तबीयत बिगड़ने की शिकायत सामने आई।

अधिकारियों ने अस्पताल पहुंचकर लिया जायजा
घटना की सूचना मिलते ही बीडीओ अमरेश कुमार मिश्रा, सीओ विकास कुमार, थानाध्यक्ष रौशन कुमार, बीईओ सितेश झा और बीपीआरओ शिल्पा कुमारी अस्पताल पहुंचे। अधिकारियों ने छात्राओं के उपचार और उनकी स्थिति की जानकारी ली। बाद में घटना की सूचना मिलने पर एसडीएम विनय कुमार और एसडीपीओ पवन कुमार भी सीएचसी पहुंचे और पूरे मामले का जायजा लिया।

एसडीएम विनय कुमार ने बताया कि सभी छात्राओं की स्थिति खतरे से बाहर है। उन्होंने कहा कि घटना की उच्चस्तरीय जांच कराई जाएगी। जांच में जो भी दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। घटना के बाद छात्रावास में भोजन की गुणवत्ता और भोजन तैयार करने की व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं।

