छातापुर: बीडीओ ने उर्वरक विक्रेताओं को दी सख्त चेतावनी, कालाबाजारी पर होगी कड़ी कार्रवाई।
_जनप्रतिनिधियों की शिकायत के बाद हरकत में आया प्रखंड प्रशासन, पॉश मशीन से बिल और रेट बोर्ड लगाना हुआ अनिवार्य_
छातापुर (सुपौल)।
किसानों से उर्वरक के नाम पर वसूली और कालाबाजारी की शिकायतों के बाद छातापुर प्रखंड प्रशासन अब एक्शन मोड में आ गया है। पंचायत समिति की बैठक में जनप्रतिनिधियों द्वारा उठाए गए मुद्दे के बाद बुधवार को बीडीओ डॉ. राकेश गुप्ता ने ई-किसान भवन में सभी उर्वरक विक्रेताओं के साथ आपात बैठक कर साफ कह दिया – “अब मनमानी नहीं चलेगी”
बीडीओ ने जारी किए 5 बड़े आदेश
बैठक में बीडीओ ने विक्रेताओं को SOP का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए:
1. रेट डिस्प्ले जरूरी: हर दुकान पर सूचना पट्ट लगाना अनिवार्य। उस पर उर्वरक की दैनिक उपलब्धता और सरकारी दर अंकित रहेगी।
2. बिना बिल बिक्री बंद: उर्वरक का वितरण सिर्फ पॉश मशीन के माध्यम से ही होगा। मशीन से निकला बिल किसान को देना होगा।
3. स्टॉक का मिलान: पॉश मशीन और स्टॉक पंजी से भंडारण का मिलान रोजाना करना होगा। स्टॉक से अधिक उर्वरक मिलने पर कार्रवाई तय है।
4. शिकायत पर सीधी कार्रवाई: निर्धारित मूल्य से अधिक वसूली या बिल न देने की शिकायत मिलने पर विक्रेताओं पर गंभीर कार्रवाई होगी।
5. पारदर्शिता पहली शर्त: कालाबाजारी करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।

बीडीओ ने कहा कि पंचायत समिति की बैठक में जनप्रतिनिधियों ने जोर-शोर से उर्वरक की कालाबाजारी और अधिक दाम वसूली का मुद्दा उठाया था। किसानों का आरोप है कि उन्हें पॉश मशीन का बिल भी नहीं दिया जा रहा। इन्हीं शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए ये बैठक बुलाई गई।
किसानों के लिए अच्छी खबर
बैठक में मौजूद बीएओ कुंदन कुमार ने बताया कि 29 जुलाई तक प्रखंड को पर्याप्त उर्वरक मिल चुका है।
उपलब्ध स्टॉक*: यूरिया 836 MT, मिक्सचर 683 MT, डीएपी 556 MT, पोटाश 179 MT
बीएओ ने कहा कि ये सारा स्टॉक सक्रिय विक्रेताओं के माध्यम से किसानों तक पारदर्शी तरीके से पहुंचाया जाएगा।
बैठक में बीएओ कुंदन कुमार के अलावा सभी कृषि समन्वयक और प्रखंड के अधिकांश उर्वरक विक्रेता मौजूद रहे। पंकज कुमार भगत, सरोज कुमार सिंह, लड्डू पोद्दार, रमेश गायम, रामकुमार मेहता, अनिल राउत, जयप्रकाश साह सहित कई विक्रेता बैठक में शामिल हुए।
रिपोर्ट : इमरान खान।

