भपटियाही : पंचायत भवन लालगंज वगेवा टेंगराहा मे चल रहा पशुअस्पताल।
रिपोर्ट विमल भारती सरायगढ़ भपटियाही सुपौल

पंचायत के विकास के लिए बनाए गए पंचायत भवन में दूसरे जगहों पर भले ही सरकारी कर्मी रहते हो और वहां से पूरे पंचायत के विकास कार्यों की निगरानी होती हो लेकिन सरायगढ़ भपटियाही प्रखंड के लालगंज बगेवाटेंगराहा पंचायत भवन बीते कई माह से ऐसा कुछ नहीं होता है। वहां विकास कार्यों की चर्चा के बजाए पशुओं का इलाज होता है। ऐसा पंचायत भवन सुपौल जिले में शायद ही देखने को मिलेगा जहां अंदर में पशु अस्पताल चलता हो बाहर में पाट का गोदाम हो और बीच वाले कमरे में कर्मियों का खाली कुर्सी पड़ा हो। पंचायती राज व्यवस्था लागू होने के बाद से सरकार पंचायत स्तर के अधिकांश कार्यों का संचालन पंचायत भवन या पंचायत सरकार भवन से कराने की घोषणा कर रखी है।

उसके लिए प्रत्येक पंचायत में कर्मी भी तैनात है। लेकिन हकीकत है कि एक भी पंचायत भवन या सरकार भवन में सरकारी कर्मी रहना मुनासिब नहीं समझते हैं। पंचायत में कर्मियों के नहीं रहने के कारण लोगों को भारी कठिनाइयों से जूझना पड़ता है । छोटे-छोटे कार्यों को लेकर पंचायत के लोगों को प्रखंड कार्यालय का चक्कर लगाना पड़ता है। उसका ताजा उदाहरण पंचायत भवन लालगंज है जहां सरकारी बाबुओं की कुर्सी खाली पड़ी रहती है। पंचायत भवन का चाबी पशु अस्पताल के एक कर्मी के पास रहता है। भवन के अंदर पशु अस्पताल चलता है तो बाहर में पाट रखा रहता है। अगल-बगल के कई लोगों का कहना है कि वहां कोई सरकारी कर्मी नहीं आते हैं। अंदर में पशु चिकित्सालय का एक कर्मी बैठा रहता है। पशु अस्पताल में कार्यरत चिकित्सक भी वहां नहीं आते हैं। लोगों का कहना है कि करीब 6 माह पूर्व जिला पदाधिकारी के आदेश पर पंचायत भवन का जीर्णोद्धार कार्य कराया गया। पंचायत भवन को सुसज्जित करने में सरकार का काफी खर्च हुआ लेकिन उसके बाद भी वहां कोई कर्मी नहीं रहते हैं। कुछ लोग पंचायत भवन को पटसन का गोदाम बना रखा है।

