भागलपुर में एक अनोखी शादी।

प्रेमी ने अपने प्रेमिका को शादी के जोड़े में मोटरसाइकिल से भगाकर वाराणसी से पहुंचा भागलपुर।

दो बार पड़ी थी शादी की तारीख , उसी दोनों तारीख पर हुआ था घर में अप्रिय घटना, लड़की वाले शादी से कर दिए थे इनकार।

रिपोर्ट- श्यामानंद सिंह भागलपुर

तेरी मेरी शादी सीधी शादी, पंडित न शहनाई रे…
इन सब का क्या काम वहां, जहां श्याम ने वंशी बजाई रे…”
सामाजिक रिवाज़ से संगीत और उसका परिणाम एक बार फिर बिहार के भागलपुर में सामने आई है। भागलपुर में एक अनोखी शादी हुई है। प्रेमी ने अपने प्रेमिका को शादी के जोड़े में बाइक से भगाकर वाराणसी से भागलपुर लाया और हिंदू रीति रिवाज से शादी रचाई है। ऐसी नौबत तब आई जब
दो बार शादी की तारीख पर घर में अप्रिय घटना हो गई। लड़की वाले शादी से तब इनकार करने लगे थे।
लेकिन सुना है कि प्यार करने वाले कभी डरते नहीं। जो डरते हैं वह प्यार करते नहीं। उसे सिद्ध कर दिया है दो प्यार करने वाले जोड़ी ने। भागलपुर जिले के बड़ी खंजरपुर निवासी बच्चों ताती के पुत्र नवल किशोर और वाराणसी के सरयुग प्रसाद की पुत्री मनीषा कुमारी अनोखे तरीके से शादी के बंधन में बंध चुके हैं। गौरतलब हो कि इन दोनों की शादी तकरीबन 1 साल पहले लगी थी। शादी से पहले की जितनी प्रक्रिया होती है वह सभी दोनों परिवार वाले पूरे कर चुके थे। शादी होने से कुछ दिन पहले लड़का पक्ष के परिवार में किसी के साथ अप्रिय घटना हो जाने से शादी की तिथि आगे बढ़ गई। पुनः दूसरी तिथि आने पर फिर किसी तरह की फिर अप्रिय घटना घटित हो गई। इससे लड़की वाले अपनी शादी भागलपुर के रहने वाले नवल किशोर से अब नहीं करना चाह रहे थे। उन लोगों की सोच थी कि शादी लगने के बाद से इतनी घटना घटित होना ठीक नहीं है। यह शुभ संकेत नहीं है। इसलिए लड़की वालों ने शादी से इंकार कर दिया।
दरअसल वीडियो कॉल पर ही दोनों के बीच प्यार हुआ। धीरे-धीरे वह प्यार अरेंज मैरेज की तरफ बदल गया। दोनों एक दूसरे के बिना नहीं रह पाने की स्थिति में आ गए। लड़की पक्ष वाले के मना करने के बाद लड़की मानने को तैयार नहीं थी और लड़की की शादी 6 फरवरी को होनी थी। कहावत ही कि जोड़ी ऊपर वाले बनाकर ही भेजते हैं। ऐसा ही कुछ वाक्या हुआ इन दोनों प्रेमी जोड़ों के साथ।
भागलपुर के बड़ी खंजरपुर निवासी बच्चों तांती का पुत्र नवल किशोर अपनी मोटरसाइकिल स्टार्ट किया और सीधे पहुंच गया वाराणसी। वहां लड़की को मोटरसाइकिल पर बिठाकर दोनों शादी के जोड़े में वापस भागलपुर पहुंच गए और हिंदू रीति रिवाज से भगवान को साक्षी मानकर मंदिर में देर रात शादी कर ली। शादी के दौरान लड़के पक्ष की ओर से तो सभी थे लेकिन लड़की पक्ष की ओर से कोई नहीं।
बनारस की रहने वाली मनीषा ने कहा कि मैं अपनी मर्जी से शादी कर रही हूं। और इन्हें अपना पति मान चुकी हूं।
भागलपुर में बड़ी खंजरपुर का रहने वाला छड़ मिस्त्री नवल किशोर ने कहा हम दोनों एक दूजे के लिए हैं और हमें कोई जुदा नहीं कर सकता। इसलिए मैं वाराणसी मोटरसाइकिल से जाकर उसे भागलपुर अपने घर के पास मंदिर में हिंदू रीति रिवाज से शादी किया हूं। नियमानुसार दोनों बालिग है और कोर्ट मैरिज भी करेंगे। लड़के वाले हंसी-खुशी वर वधु को अपने घर के लिए अपना लिए हैं।

 

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