ललितग्राम-नरपतगंज के बीच सीआरएस निरक्षण समापन,जल्द चलेगी ट्रैन।।

अमृत सागर झा,बलुआ बाजार

पूर्व मध्य रेलवे द्वारा सहरसा-फोरबिशगंज रेल खंड पर आमान परिवर्तन कार्य के दौरान ललितग्राम व नरपतगंज के बीच नवनिर्मित बड़ी रेल लाइन का गुरुवार को सेफ्टी (सीआरएस) जांच किया गया। रेलवे सुरक्षा आयोग एसएन मित्रा ने 12.7 किलोमीटर लंबे इस रेलखंड के गहनता से जांच की गई। जहाँ वो पुल,रेलवे क्रॉसिंग सहित ट्रैक निर्माण से सन्तुष्ट दिखे।सीआरएस स्पेसल ट्रेन सहरसा से चलकर लगभग साढ़े आठ बजे ललितग्राम स्टेशन पहुँची। जहाँ स्टेशन पर वयोवृद्ध समाज सेवी जयकृष्ण गुरूमेता ने सीआरएस सुवोमई मित्रा, डीआरएम आलोक अग्रवाल,सीबीएस ए.रॉय को माला पहनाकर स्वागत किया।

उसके बाद सीआरएस सुवोमई मित्रा ने ललितग्राम स्टेशन पर कंट्रोल रूम और रिले रूम का निरक्षण किया।फिर ट्रैक पर जाँच में जाने से पहले सीआरएस ने ट्रॉली पर ही रेलवे के इंजीनियर से रेलखण्ड का डाइग्राम व नक्शा का गहनता से जानकारी लिया।उसके बाद सीआरएस टीम ट्रैक निरक्षन के लिए निकल गई।करीब साढ़े 10 बजे सीआरएस टीम छातापुर होल्ट स्टेशन पहुँची जहाँ पर सीआरएस सुवोमई मित्रा,डीआरएम आलोक अग्रवाल,सीबीएस ए.के रॉय ने स्टेशन परिसर में वृक्षारोपण किया।पाँच मिनट तक छातापुर स्टेशन का निरक्षण करने के बाद नरपतगंज निकल गए। जहाँ 1 बजे सीआरएस टीम नरपतगंज स्टेशन पहुँची। सुबह 09 बजे से शुरू हुई जाँच लगभग 3:35 में ललितग्राम तक जारी रही। वही जांच के बाद लगभग 3:25 में नरपतगंज से सीआरएस स्पेशल ट्रेन 130 की स्पीड से 10 मिनट में ट्राइल स्पेसल ट्रैन ललितग्राम पहुँची। सीआरएस स्पेसल ट्रैन में सीआरएस सुवोमोय मित्रा,सीएओ पीके गोयल,डीआरएम श्री आलोक अग्रवाल,सीईएस सुशील कुमार, डीवाईसीई संजय कुमार,एएईएन आरके मिश्रा,आईओडब्लू अमितेश कुमार, डीके विभूति सहित कई वरीय अधिकारी शामिल थे।उधर साढ़े आठ बजे स्पेसल ट्रैन ललितग्राम पहुँचते ही ललितग्राम,छातापुर व नरपतगंज स्टेशन पर लोगो की भीड़ उमड़ पड़ी थी।

कहते हैं रेलवे अधिकारी।।

वही डीआरएम आलोक अग्रवाल ने बताया की सीआरएस जाँच सफल रहा है। उन्होंने बताया कि अगर ललितग्राम नरपतगंज के बीच निरीक्षण सफल रहता है तो एक से डेढ़ महीने के बीच में ट्रेन परिचालन शुरू करने पर विचार किया जाएगा। उन्होंने बताया कि सहरसा से ललितग्राम तक विधुतीकरण के कार्य में अभी समय लग सकता है।बताय की सहरसा से सरायगढ़ तक विधुतीकरण कार्य युद्धस्तर पर किया जा रहा है। ललितग्राम से लंबी दूरी ट्रेन बढ़ाने को लेकर उन्होने बताया कि अभी बात चल रही है, जैसे ही सक्षम अधिकारी का आदेश आएगा ट्रेन की संख्या बढ़ा दी जाएगी।

भीमनगर व बीरपुर को रेल हेड से जोड़ने के लिए डीआरएम को सौंपा ज्ञापन।।

वही सर्वदलीय संघर्ष समिति के अध्यक्ष मोहन प्रसाद रस्तोगी ने प्रतापगंज भीमनगर, बीरपुर को रेल हेड से जोड़ने के लिए ललितग्राम स्टेशन पर डीआरएम को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने बताया कि ब्रिटिश काल सन 1910 में अंतरराष्ट्रीय सीमा होते हुए ट्रेन चलती थी। लेकिन 1934 में आई विनाशकारी भूकंप में वो ध्वस्त हो गया। जिसके बाद 57 किलोमीटर का इस रेलखण्ड पर ट्रेन का परिचालन नही हुआ। बताया कि अंतरराष्ट्रीय सीमा होने के कारण इस क्षेत्र को रेलवे से जोड़ने पर विकाश की आशातीत संभावनाएं है।मौके पर प्रताप कुमार सिन्हा,रमेश प्रसाद गुप्ता,श्रीलाल गोठिया,मौसम खेरवाड़, हैं जयकृष्ण गुरूमेता आदि मौजूद थे।

Spread the love