जेल जाने से अच्छा है मर जाना, पत्नी से प्रताड़ित युवक ने की जहर पी खुदकुशी का प्रयास ।
आमतौर पर पति से प्रताड़ित होने की गुनाह का उजागर होते देखा और सुना जाता है लेकिन बेगूसराय में एक ऐसा मामला सामने आया जिसमें न केवल एक युवक को न सिर्फ पत्नी से प्रताड़ित किए जाने का आरोप है बल्कि पत्नी के धमकी से भयभीत होकर पीड़ित युवक ने कीटनाशक दवाई खाकर खुदकुशी करने की कोशिश तक कर डाली।लेकिन तबियत बिगड़ते देख उसकी मां ने इलाज के लिए सदर अस्पताल में भर्ती कराया जहाँ उसकी जान बच सकी।बताया जाता है कि इस मामले में युवक इतना भयभीत हो गया कि उसने जेल जाने के डर से उसने अपनी इह लीला समाप्त करने की कोशिश तक कर डाली।उसने कहा कि हुजूर, जेल जाने से हमको बहुत डर लगता है। रईसजादे साले दहेज प्रथा का केस कर जेल भेजने की धमकी दे रहा है। पत्नी भी अपने भाई के पक्ष में खड़ी होकर मुझे प्रताड़ित कर रही है। जेल जाने से बेहतर है मर जाना। यह मार्मिक कहानी है पत्नी से प्रताड़ित पति जितेंद्र कुमार की। विषपान कर जितेंद्र कुमार फिलहाल सदर अस्पताल के आईसीयू में भर्ती है। जहां उनका इलाज चल रहा है। पीड़ित पति बरौनी थाना के पिपरा देवस निवासी स्व.सुरेंद्र राय के पुत्र हैं।
जितेंद्र ने बताया कि बलिया थाना क्षेत्र के भगतपुर के छोटी कुमारी के साथ वह पांच साल पहले शादी किया। उन्हें एक पुत्री व एक पुत्र है। पेशे से वह ई- रिक्शा चालक है। पत्नी अमीर घर की बेटी है। उनकी पत्नी मिर्गी बीमारी की मरीज है। वह घर मे रहते हुए बार-बार गिरकर बेहोश हो जाती है। ई-रिक्शा लेकर बगैर जाने पर बूढ़ी मां उनकी पत्नी की देखभाल करती है। उसके बाद उसकी पत्नी भाई से शिकायत करती रहती है। जितेंद्र ने आरोप लगाया कि उनका साला दहेज प्रथा का केस कर जेल भेजने की बार-बार धमकी देता है जिससे आजिज होकर वह एक मार्च को कीटनाशक दावा खा लिया। यह पूछे जाने पर कि आत्महत्या का प्रयास कानूनन जुर्म है तो इसपर उन्होंने अनभिज्ञता जताई। फिलहाल जितेंद्र सदर अस्पताल के आईसीयू में भर्ती है जहां उनका इलाज चल रहा है। अबतक नगर थाने कि पुलिस फर्द बयान लेने तक नहीं पहुंची है।

