“साहित्य, संगीत एवं कला के बिना मनुष्य पशु के समान:-डॉ प्रतिभा रानी, शैल कुमारी की पुण्यतिथि मनाई गई”।
शैल कुमारी वेब संस्थान के तत्वावधान में शैल कुमारी जी की पुण्यतिथि के अवसर पर संध्या 05:00 बजे पटना के कई कलाकारों, साहित्यकारों कवियों एवं समाज के वरिष्ठों की एक बैठक आयोजित की गई।

आयोजन का शुरुवात दीप-प्रज्ज्वलन के बाद गणेश वंदना के साथ हुआ। तत्पश्चात सभी आगंतुक अतिथियों के द्वारा शैल कुमारी जी व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर प्रकाश डाला गया। इसके बाद कलाकारों के द्वारा कई भजन प्रस्तुत किये गए। आयोजित कार्यक्रम में उपस्थित कवियों के द्वारा कविता-पाठ का गायन किया गया।
संस्था की सचिव डॉ. प्रतिभा रानी ने बताया कि यह संस्था कला, संगीत, साहित्य एवं समाज के प्रति पूर्णतः समर्पित है। संस्था यह कोशिश करती है कि समाज में कला एवं संगीत के प्रति लोगों का रुझान बढे। डॉ. रानी ने अपना विचार प्रकट करते हुए कहा कि साहित्य, संगीत एवं कला के बिना मनुष्य बिना पूंछ और सींग वाले एक पशु के समान है। अतः साहित्य, संगीत एवं कला ही एक मनुष्य को पूर्ण बनाता है।

बैठक के अंत में सभी अतिथियों को सम्मानस्वरूप प्रमाण-पत्र एवं स्मृति-चिन्ह दिया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता मुख्य अतिथि श्री हिमांशु कवि के द्वारा की गई। कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में सर्वश्री/श्रीमती अनिरुद्ध सिन्हा, अनिल प्रसाद, ज्योत्सना प्रसाद, रेखा, रुचि भूषण, आचार्य विजय गुंजन, नसीम अख्तर, रविकिशन, अविनाश बंधु, मीना परिहार , सुनील उपाध्याय, कमलेश मिश्रा, अमित कश्यप, हर्ष, अमरनाथ जैसे वरिष्ठ कलाकार, साहित्यकार, कवि एवं अन्य सुधीजन उपस्थित थे।

