पत्रकार और समाज सेवी की मदद से 2 महीने से भटके हुए विक्षिप्त मिले परिजन से , खुशी ।
अररिया :मानसिक रोगियों को देखकर अक्सर लोग मुंह फेर लेते हैं, लेकिन कुछ लोग ऐसे भी हैं जिनके लिए मानसिक रोगी आम इंसान से बढ़कर हैं। ये लोग न सिर्फ संसार के लिए मानवता की मिसाल हैं, बल्कि शायद असल में ईश्वर का वरदान भी हैं। मानवता का मिसाल पेश करने वाले सामाजिक कार्यकर्ता प्रभात यादव हैं जिसकी वजह से सुपौल जिले के प्रतापगंज क्षेत्र के एक परिवार का गुम हुआ भाई 2 माह बाद वापस मिला है।
बताते चले कि प्रतापगंज सूर्यापूर के रहने वाला बिनोद करीब 2 माह पूर्व दिमागी हालात ठीक नहीं होने की वजह से अचनाक घर छोड़कर चला गया था। परिजन ने बिनोद को ढूढऩे का काफी प्रयास किया, किन्तु उसका कोई पता नहीं चला, परिवार ने उसके मिलने की आशा ही छोड़ दी थी, सिर्फ भाई को उम्मीदी थी कि उसका भाई एक दिन जरूर घर वापस लौटकर आएगा। बुधवार को लगभग ग्यारह बजे समाजिक कार्यकर्ता प्रभात यादव ने बिनोद को अपने गांव अड़राहा में देखा उनको देखने के बाद लगा शायद यह रास्ता भटक गया है। अपने घर लाकर भोजन कराया फिर सुलाया। जिसके बाद प्रभात ने इसकी जानकारी प्रतापगंज के पत्रकार आशीष वर्मा को दिया तो उन्होंने अपने आस पास के लोगो से बातचीत कि और उनके रिश्तेदार परिजन को विडियो काॅल के माध्यम से बिनोद से बात कराया। अचानक 2 माह बाद अररिया से बिनोद के भाई के पास सूचना आई कि 2 माह पूर्व गुम हुए आपके भाई से मिलना है तो जल्द ही अररिया आ जाए। फिर क्या था जब अपने भाई से मिलने आए तो भाई को इतने वर्ष के बाद देखा तो आंखों से आंसू नही रोक पाया, भाई गले लग गया। भाई रोते-रोते कहने लगा मुझे भगवान पर यकीन था, तुम एक दिन घर वापस लौट कर जरूर आओगे। बिनोद का भाई ने प्रभात व सोनू का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि मैं आपका एहसान कभी नही उतार पाऊंगा।

