शिक्षा की फसल उगाने का सपना लेकर चार किसान भाइयों ने दो कट्ठा जमीन दिया विद्यालय बनने के लिए दान ।
रिपोर्ट—शयामानंद सिंह भागलपुर

भागलपुर,जमीन के लिए भाई भाई में विवाद, हत्या और मारपीट की खबरें लगातार आती है एक एक इंच जमीन के लिए खून खराबा होता है लेकिन भागलपुर के चार भाइयों ने जमीन के लिए जो किया वह काबिले तारीफ है।
नवगछिया के रंगरा प्रखंड के चार किसान भाइयों ने अपनी दो कट्ठा जमीन सराकरी स्कूल के लिए दान में दे दी ताकि शिक्षा की फसल उपज सके। अब ग्रामीण चंदा इकट्ठा कर स्कूल का निर्माण कराएंगे। दरअसल भागलपुर के नवगछिया अनुमंडल अंतर्गत बैसि गाँव मे एक प्राथमिक विद्यालय है जो नदी के दूसरी तरफ है इस विद्यालय में जाने में बच्चों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है कई दफे बच्चे नदी में डूब चुके हैं इसको लेकर परिजन भी बच्चों को स्कूल भेजने में परहेज करते थे इसको देखते हुए 2013 में ही बैसि के रणजीत राय, जगदेव राय, बालदेव राय और विवेकानंद राय ने अपनी दो कट्ठा जमीन दान में दी थी जिसके बाद अब ग्रामीण सरकारी कार्यालयों का चक्कर काटते रहे लेकिन स्कूल का निर्माण नहीं हो सका अन्ततः अब ग्रामीण चंदा इक्कट्ठा कर स्कूल का निर्माण करा रहे है। फिलहाल बाँस और टिन का शेड डाला गया है। ईंट भी खरीद लीग गया है।

जमीन दान करने वाले ग्रामीण बालदेव राय ने बताया की दो कट्ठा जमीन दान किए है जिसकी कीमत अभी 30 लाख है। हमको रहने के लिए मात्र में एक धुर जमीन है। बच्चे गांव में इधर उधर घूमते थे जिसके बाद हम चार भाई ने जमीन दान में दे दिए है बच्चो को पढ़ने के लिए। बगल में नदी है, बच्चो को परेशान देखकर जमीन दान में दे दिए। अभी हमलोग चंदा कर के स्कूल का निर्माण करवा रहें हैं।
वहीं छात्र भवेश कुमार ने बताया की जहांगीर बैसी में स्कूल है गांव से जाने कठनाई होती है और बगल में नदी से जिसके कारण हमलोग दिक्कत होता है।

बारिश के समय में स्कूल नही पहुंच नही पाते है। गांव के कई बच्चो के डूबने से मौत हो गई है। अभी स्कूल का निर्माण चंदा कर के हो रहा है मामले में जिला शिक्षा पदाधिकारी संजय कुमार ने कहा की कुछ जगहों पर लोग खुद से जमीन दान कर स्कूल का निर्माण भी करवाते है नवगछिया के विद्यालय के लिए हम लोग विभाग स्तर से भी राशि उपलब्ध कराएंगे और स्कूल का निर्माण भी कराएंगे जनप्रतिनिधियों से भी आग्रह किया है अपने क्षेत्र में कुछ स्कूलों को गोद लें क्योंकि उनके पास संसाधन रहता है।

