राघोपुर रेफरल अस्पताल में पुरुष नसबंदी शिविर शुरू ,न चिरा लगेगा न टांका।
रिपोर्ट- सुरेश कुमार सिंह, सिमराही

पुरुष नसबंदी को लेकर भ्रांतियां फैली हुई है।
नसबंदी के एक घंटे के बाद ही जा सकते हैं घर।
राघोपुर रेफरल अस्पताल में 4 दिसंबर से 16 दिसम्बर तक के लिए पुरुष नसबंदी पखवाड़ा आयोजित किया जा रहा है।अयोजन में रेफरल अस्पताल राघोपुर में आने वाले लोगों को परिवार नियोजन की जानकारी देते हुए परिवार नियोजन सलाहकर संतोष कुमार वर्मा ने बताया कि पुरुष नसबंदी महिला बंध्याकरण से अधिक आसान है। इस सम्बंध में भ्रांतिया फैली हुई है, जो कही से भी सही नहीं है। नसबंदी के बाद पुरुष एक घंटे के बाद ही घर जा सकते हैं। परिवार नियोजन सलाहकर द्वारा बताया गया कि नसबंदी के तुरन्त बाद भी मोटर साइकिल चलाकर भी घर जा सकते हैं। घर का काम काज भी कर सकते हैं क्योंकि इस नसबंदी में न चीरा लगाया जाता है और ना ही टांका लगाने की जरूरत है। यह बिना चीरा बिना टांका दिए सुरक्षित सबसे बढ़िया उपाय है। इस नसबंदी के बाद उनके ताकत, यौन उत्तेजना पर कोई फर्क नहीं पड़ता। लोगों में जागरूकता की कमी है और पुरुष नसबंदी को लेकर लोगों में चर्चा
नहीं की जाती है। जबकि इसकी चर्चा घर घर, गांव गांव होना चाहिए और भ्रांतियां दूर करने के लिए सलाहकार से संवाद करना चाहिए। वहीं परिवार नियोजन सलाहकर ने बताया कि परिवार नियोजन सेवा अन्तर्गत लाभार्थी को देने जाने वाली राशि इस प्रकार महिला बंध्याकरण लाभार्थी को 2000 ₹, उत्प्रेरक को 300 ₹,पुरुष नसबंदी लाभार्थी को 3000 ₹, उत्प्रेरक को 400 ₹ दिया जाता है। रेफेरल अस्पताल में परिवार नियोजन बंध्याकरण के सभी पैथोलॉजी जांच व आवश्यक दवा उपलब्ध है। रेफरल अस्पताल में प्रतिदिन नव दंपती व किशोर किशोरियों के प्रजनन स्वास्थ्य, तथा नवजात शिशुओं व पांच साल तक के बच्चों को पोषण स्वास्थ्य की उचित जानकारी सलाहकार द्वारा दी जाती है। वहीं जानकारी देते प्रखण्ड स्वास्थ्य प्रबंधक नोमान अहमद ने बताया कि पुरुष व महिला बंध्याकरण लाभार्थी के लिए सभी सुविधाएं अस्पताल में उपलब्ध है।

