अस्पताल संचालिका ने मकान मालिक पर दूसरी बार सामान गायब करने का लगाया गंभीर आरोप
रिपोर्ट/ ब्रजेश कुमार सिमराही राघोपुर

राघोपुर थाना क्षेत्र के लक्ष्मीपुर शायत के एक मकान मालिक पर अस्पताल संचालिका ने दूसरी बार साढ़े तीन लाख रुपए का सीबीसी मशीन सहित पैथोलॉजी का अन्य सामान गायब करने का आरोप लगाते हुए थाना में आवेदन दिया है। मामले में पीड़ित ने शिकायत के बावजूद पुलिस पर कार्रवाई में शिथिलता बरतने का आरोप लगाया है।
सरायगढ़ भपटियाही थाना क्षेत्र के नौनपार निवासी देवकी कुमारी पति देवचन्द्र कुमार ने थाना में दिए गए आवेदन में कहा कि साल 2021 में वह अन्य सहयोगियों के साथ सिमराही निवासी राज कुमार चांद का लक्ष्मीपुर शायत स्थित एक मकान में लाइफ हेल्थ केयर हॉस्पिटल एंड मेटरनिटी सेंटर चलाने को लेकर एग्रीमेंट किया।
इस बीच बीते कुछ माह पहले मकान मालिक ने अस्पताल में शेयर देने को कहा। जिसकी मनाही करने पर मकान मालिक ने उक्त अस्पताल के खिलाफ कई तरह से स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को जानकारी देकर अस्पताल का जांच करा दिया। जिसके बाद कुछ कागजों को तैयार कर अस्पताल को सुचारू रूप से चलाने को लेकर विभाग अधिकारियों द्वारा निर्देश दिया गया। जिसके बाद वह रेफरल अस्पताल प्रभारी को बीते 14 फरवरी को अस्पताल बंद करने की जानकारी देते हुए आवेदन सौंपा और अस्पताल में ताला जड़ दिया।
आरोप है कि इससे पहले मकान मालिक ने अस्पताल का ताला तोड़कर तकरीबन 40 लाख रुपए के सामान गायब कर दिया। जिसकी जानकारी उसे 19 मार्च को हुई। जिसके बाद पीड़ित अस्पताल संचालिका ने मकान मालिक के खिलाफ थाना में आवेदन देकर अस्पताल कर्मी, डॉक्टर, नर्स के साथ अभद्र व्यवहार करने और 40 लाख रूपये के सामान चोरी होने का आरोप लगाते हुए थाना में आवेदन देते हुए केस दर्ज कराया है।
इधर, एक बार फिर बीते 9 जून को एक बार फिर मकान मालिक राज कुमार चांद द्वारा अस्पताल के गेट पास पैथोलॉजी में सीबीसी मशीन जिसकी कीमत साढ़े तीन लाख रुपए सहित अन्य सामान गायब करने का आरोप लगाते हुए थाना में आवेदन दिया है। कहा कि वह पैथोलॉजी किसी अन्य को एग्रीमेंट कर दिए थे। जिसमें सीबीसी मशीन उसका लगा था।
बताया कि 10 जून को उसे सूचना मिली कि मकान मालिक द्वारा अस्पताल से गायब किए गए सामान को उसके टाइल्स गोदाम में रखा गया है। जिसकी सूचना पर वह स्थल पर पहुंचे। इस दौरान उन्होंने साक्ष्य के लिए स्थानीय थानाध्यक्ष और केस आईओ को दूरभाष पर मामले की जानकारी दी। आरोप है कि शिकायत के बावजूद पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की।
कहा कि मौके पर अगर पुलिस कार्रवाई करती तो साक्ष्य के तौर कर अस्पताल का सामान बरामद किया जा सकता था।
पीड़ित ने वरीय पदाधिकारियों से जांच कर उचित कार्रवाई की मांग की है।
मामले को लेकर थानाध्यक्ष रजनीश कुमार केशरी ने बताया कि घटना को लेकर जांच-पड़ताल की जा रही है।
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