राघोपुर रेफरल अस्पताल में अंधविश्वास का खेल जहां सर्पदंश शिकार महिला को तांत्रिक द्वारा करने लगा झाड़फूंक

रिपोर्ट/ ब्रजेश कुमार सिमराही राघोपुर

रेफरल अस्पताल राघोपुर में सात दिनों के अंदर दूसरी बार फिर से अंधविश्वास का खेल देखने को मिला। जहां एक सर्पदंश के शिकार मरीज को इलाज के लिए रेफरल अस्पताल लाया गया था। लेकिन इसी दौरान अस्पताल परिसर में ही फिर से एक महिला तांत्रिक द्वारा झाड़फूंक शुरू कर दिया गया।
बीते दिनों इससे पूर्व भी गत 2 अगस्त को इसी अस्पताल परिसर में एक महिला तांत्रिक द्वारा सर्पदंश के शिकार प्रतापगंज थाना क्षेत्र के मधुबनी निवासी एक मरीज को झाड़फूंक किया जा रहा था। जिसके बाद अस्पताल के डॉक्टरों द्वारा उक्त महिला तांत्रिक को डांट फटकार कर वहां से बाहर निकाला गया। लेकिन बुधवार को पुनः उसी अस्पताल में और उसी तरीके से महिला तांत्रिक द्वारा झाड़फूंक शुरू कर दिया गया। मामले को लेकर मिली जानकारी अनुसार बुधवार की सुबह रतनपुर थाना क्षेत्र के रतनपुर वार्ड नंबर 7 निवासी लालदेव शर्मा के 28 वर्षीय पत्नी संगीता देवी को एक सर्प द्वारा डंसने की आशंका पर परिजनों द्वारा उसे रेफरल अस्पताल राघोपुर लाया गया। जहां डॉक्टर ने प्राथमिक उपचार के बाद उसे निगरानी हेतु अस्पताल में ही रख दिया। लेकिन इसी बीच परिजनों ने एक महिला तांत्रिक को बुलाकर अस्पताल कक्ष में ही उसका झाड़फूंक शुरू कर दिया। वहीं उक्त महिला तांत्रिक को झाड़फूंक करते देख अस्पताल परिसर में लोगों की भीड़ जमा हो गई।


इधर मामले की जानकारी होने के बाद अस्पताल में ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टर ने महिला तांत्रिक को डांट फटकार लगाकर वहां से भगा दिया। लेकिन महिला तांत्रिक उसके बाद भी फिर से वहां पहुंचकर झाड़फूंक करने लगी। जिसे कड़ी चेतावनी देते हुए पुनः वहां से भगाया गया।
वहीं डॉक्टर नीलेश प्रधान ने बताया कि तांत्रिक को भगाकर परिजनों के आग्रह पर मरीज को रेफर कर दिए हैं।

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