नियोजित शिक्षकों को राज्यकर्मी में समायोजन को लेकर सरायगढ़ भपटियाही सुपौल पहुंचा प्रदेश अध्यक्ष का रथ। शिक्षकों ने किया भव्य स्वागत।
रिपोर्ट विमल भारती सरायगढ़ भपटियाही सुपौल।

अध्यापक नियुक्ति नियमावली 2023 में संशोधन कर सभी नियोजित शिक्षकों को राज्य कर्मी में समायोजन करने की मांग को लेकर जारी शिक्षक आन्दोलन को धारदार बनाने तथा शिक्षकों को अधिकार हेतु गोलबंद करने के लिए शिक्षा – शिक्षक जागरण अभियान के तहत बिहार राज्य प्रारंभिक शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप कुमार पप्पू के द्वारा अधिकार रथयात्रा के द्वारा बिहार के सभी जिलों का लगातार दौरा जारी है। इसी क्रम में शिक्षकों का अधिकार रथ सुपौल जिला के सरायगढ़ भपटियाही पहुंचा। रथ पर प्रदेश कोषाध्यक्ष अनवार करीम, सचिव निरंजन कुमार जिला अध्यक्ष संजीव कुमार कामत, जिला सचिव बबीता चौरसिया, मधेपुरा जिला अध्यक्ष भुवन कुमार, जिला सचिव निलम कुमारी, नूतन सिंह भी मौजूद थे।

इस अवसर पर प्रखंड के हजारों शिक्षकों ने रथ का भव्य स्वागत किया तथा प्रदेश अध्यक्ष का उत्साह वर्धन किया। शिक्षकों ने राज्यकर्मी में समायोजन को लेकर जोरदार नारेबाजी किया। तत्पश्चात मo विo भपटियाही के प्रांगण में नियोजित शिक्षकों की हुई विशाल सभा को संबोधित करते हुए प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप कुमार पप्पू ने कहा कि अधिकार रथयात्रा का शुभारंभ शिक्षामंत्री प्रो चंद्रशेखर के गृह जिला मधेपुरा से किया गया है। जो राज्य के सभी जिला में जाकर आम जनता एवं शिक्षकों को यह अवगत कराएगी की नई अध्यापक नियमावली बिहार की मुख्यधारा शिक्षा को बर्बाद करने के उद्देश्य लाई गई है। इस नियमावली लागू होने के पश्चात एक ही विद्यालय में तीन तरह के शिक्षक शिक्षण कार्य करेंगे। जिससे शिक्षा व्यवस्था में विषमता आएगी। जिसका बच्चों के शिक्षा पर व्यापक दुष्प्रभाव पड़ेगा। श्री पप्पू ने कहा कि बिहार सरकार ने शिक्षकों से वादा खिलाफी से किया है। महागठबंधन के नेता एवं वर्तमान उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने विगत बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान चुनावी घोषणापत्र में शिक्षकों को राज्य कर्मी का दर्जा, समान काम समान वेतन देने एवं पुरानी पेंशन लागू करने का वादा किया था। परन्तु सत्ता में आने के बाद सरकार ने शिक्षकों को धोखा दिया है। सरकार को इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा।

कोषाध्यक्ष अनवार करीम ने कहा कि रथयात्रा के दौरान सभी जिलों के संघीय प्रतिनिधियों एवं शिक्षकों को गोलबंद कर बिहार विधानसभा के मानसून सत्र में विधान मंडल एवं विधायकों का घेराव करने की राज्यव्यापी आन्दोलन का तैयारी की जायेगी | ताकि विधानसभा सत्र के दौरान पटना के आन्दोलन में चार लाख शिक्षक जुट सके। जिला अध्यक्ष संजीव कुमार कामत ने कहा कि सरकार बीपीएससी से शिक्षक बहाली के नाम पर आम जनता को भ्रमित कर शिक्षकों के प्रति द्वेष फैला रही है। बीएससी की परीक्षा में सफल एवं असफल दोनों तरह के शिक्षक जब विद्यालय में बच्चों को पढ़ायेंगे ही तो फिर परीक्षा का क्या अचित रहा जाता है। सरकार अपने वादे को पूरा करें तथा 2003 से लेकर 2023 तक नियुक्त सभी शिक्षकों को राज्य कर्मी में समायोजित कर समान काम समान वेतन एवं समान सेवा शर्त लागू करें। अध्यक्षता एवं मंच संचालन जिला उपाध्यक्ष राम सेवक यादव ने किया।
मुख्य रूप से उपस्थित शिक्षक गण:-

रणधीर कुमार- जिला उपाध्यक्ष, निरंजन कुमार- प्रदेश सचिव, अमर सहनी- जिला सचिव, गुलरेज़ गुलाटी- जिला मिडिया प्रभारी, भुवन कुमार- मधेपुरा जिला अध्यक्ष, संजय कुमार- जिला प्रधान सचिव मधेपुरा, विनोद कुमार राम- जिला कोषाध्यक्ष मधेपुरा, निर्मल कुमार – प्रमण्डलीयअध्यक्ष सहरसा, देवनारायण रंजन- प्रखंड अध्यक्ष सरायगढ-भपटियाही, विकाश कुमार- प्रखंड अध्यक्ष राघोपुर, अशोक कुमार अरुण- प्रखंड अध्यक्ष प्रतापगंज, उमेश प्रसाद मेहता- प्रखंड सचिव राघोपुर,
अशोक कुमार, अरविन्द कुमार, रामरतन मण्डल, अखिलेश कुमार, नवीन कुमार, शोभा कुमारी, शीला कुमारी, रेनू कुमारी, पूनम कुमारी, रूबी कुमारी, लीला कुमारी, नरेश कुमार निराला, फुलेश्वर राम, मोo अब्दुल्लाह, मोo हबिबुल्लाह, मोo रऊफ, मोo जफीर, मोo समीम, रामकुमार, रामदहीन मण्डल, उमाकांत गामी, महादेव ठाकुर, चंद्रकिशोर चौधरी, अनिल कुमार, विजेंद्र कुमार पासवान, राजेश कुमार, वैधनाथ राम, निरंजन कुमार, सरोज कुमार, प्रकाश झा, अवध नाo मेहता, इंद्रनारायण यादव आदि उपस्थित हुए

