नर्सिंग होम जांच को लेकर पत्रकार को फोन पर मिला मारपीट करने का धमकी, आवेदन देकर लगाया न्याय का गुहार।

अमृत सागर झा,बलुआ बाजार/प्रतापगंज

प्रखंड क्षेत्र में लगातार पत्रकारों को धमकी और मारपीट करने की बात आम होती जा रही है। जिसके कारण चौथा स्तंभ कहे जाने वाले पत्रकार दबंग लोगों के नजर में हैं। जिस वजह से निष्पक्ष पत्रकारिता करने वाले लोग भी इस चीज से प्रभावित हो रहे हैं। ताजा मामला प्रतापगंज प्रखंड क्षेत्र की है। जहां एमके न्यूज के स्थानीय पत्रकार को कुछ लोगों के द्वारा बेवजह धमकी दिया जा रहा है। दअरसल, मामला स्वास्थ्य विभाग के द्वारा क्षेत्र में अवैध रूप से संचालित हो रही नर्सिंग होम, अल्ट्रासाउंड एवं पैथोलॉजी को संबंधित पीएचसी प्रभारी को लेटर जारी कर जांच का आदेश दिया था। जिसके बाद से विभिन्न प्रखंडों में संबंधित विभाग के द्वारा लगातार जांच की जा रही है और अवैध रूप से संचालित हो रहे नर्सिंग होम, अल्ट्रासाउंड एवं पैथोलॉजी को सील किया जा रहा है। इसी बीच आदेश के आलोक में जब प्रतापगंज में स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के लिपिक संदीप कुमार ने प्रतापगंज के एक निजी नर्सिंग होम व अल्ट्रासाउंड पर जांच करने गए तो मौके से कुछ हाथ नहीं लगने के बाद वापस आ गए। जिस बात की पता चलते ही निजी नर्सिंग होम व अल्ट्रासाउंड के संचालक संजय कुमार भगत ने इस बात की जानकारी लेने जब पीएचसी के लिपिक संदीप कुमार के पास गए तो उन्होंने सीधे तौर एमके न्यूज इंडिया के पत्रकार आशीष वर्मा का नाम लेकर कहा कि जांच भी पत्रकार के कहने पर की गई है। जिसके बाद संचालक ने बौखलाकर उक्त पत्रकार को फोन के माध्यम से धमकी देने शुरू कर दिया। इस बातचीत के दौरान उन्होंने पत्रकार आशीष वर्मा को मारपीट करने की बात भी कही।
इस बाबत जब पीएचसी में पदस्थापित लिपिक संदीप कुमार से मामले को लेकर पूछ गया तो उन्होंने इस बात से साफ इंकार कर दिया। उनका कहना था कि मेरे द्वारा किसी प्रकार की जानकारी नर्सिंग होम संचालक को नहीं दी गई है और न ही किसी पत्रकार का नाम लिया गया है। उन्होंने बताया कि विभाग के द्वारा जारी निर्देश के आलोक में नर्सिंग होम की जांच की गई थी।
इधर, मामले को लेकर पीड़ित पत्रकार आशीष वर्मा ने स्थानीय थाना को धमकी देने को लेकर आवेदन भी दिया है। जिस आवेदन में उन्होंने धमकी देने वाले व्यक्ति का फोन नम्बर भी दिया है। साथ ही उन्होंने पुलिस प्रशासन से उचित न्याय कर धमकी देने वाले पर कानूनी कार्रवाई की मांग भी किया है। इस संदर्भ में प्रतापगंज थानाध्यक्ष प्रभाकर भारती का कहना था कि मामले को लेकर आवेदन मिला है। जिसका जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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