राघोपुर/ सुपौल: पतंजलि योगपीठ के आचार्य बालकृष्ण के जन्मदिवस के अवसर पर सिमराही स्थित संत मनु बाबा मंदिर में आयोजित की गई जड़ीबूटी दिवस कार्यक्रम ।

रिपोर्ट/ब्रजेश कुमार सिमराही

लोगों के रोग या दुःख का मुख्य कारण प्रकृति से दूर होना है। हम प्रकृति के जितने करीब रहेंगे उतना लाभ मिलेगा। रोग और दुखों का नाश होगा। पतंजलि योगपीठ के आचार्य बालकृष्ण के जन्मदिवस के अवसर पर सिमराही स्थित संत मनु बाबा मंदिर में आयोजित जड़ीबूटी दिवस कार्यक्रम में उक्त बातें वरिष्ठ राज्य प्रभारी अजीत कुमार ने कही। उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति प्रकृति के करीब है वह कम बीमार पड़ता है और सीघ्र स्वस्थ हो जाता है। ऋतुचर्या, दिनचर्या का पालन करना ही प्रकृति के करीब होना है। सूर्योदय से पहले उठना चाहिए। जिसको सूर्य उठता है वह स्वस्थ नहीं रहेगा। उन्होंने उपस्थित लोगों को विभिन्न रोगों के लिए उपयोगी जड़ीबूटी के सहज नुस्खे व आसन प्राणायाम बताए।

आयुरयोग रिसर्च फाउंडेशन के वैद्य रीतेश मिश्र ने कहा कि समस्त जीव रोग का उपचार प्रकृति में ही तलाशता है। प्रत्येक वनस्पति में औषधीय गुण होता है। पहले के लोग रोग उपचार के लिए इन जड़ीबूटियों का प्रयोग घरेलू नुस्खे के रूप में करते थे और सीघ्र स्वस्थ हो जाते थे। अब लोग इन नुस्खों को भूलते जा रहे हैं। आवश्यकता है लोगों में जागरूकता लाए जाने की। युवा राज्य प्रभारी अशोक कुमार, किसान सेवा समिति के राज्य प्रभारी भूतेश्वर सिंह, पातंजलि योग समिति के राज्य प्रभारी चंदेश्वरी प्रसाद, राज्य कार्यकारणी सदस्य विनोद योगी, जिला प्रभारी जगदीश मंडल ने भी संबोधित करते हुए जड़ीबूटियों के गुण प्रभाव बताए। लोगों को पौधा लगाने के लिए प्रेरित किया। कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को अपने जीवन में कम से कम सौ पौधे लगाने चाहिये। अवसर पर सिमराही के पूर्व मुखिया प्रो वैद्यनाथ प्रसाद भगत, सियाराम भगत, संजय सेन, रत्नेश मिश्र, अखिल सेन सहित अन्य मौजूद थे।

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