बिहार में जाति गणना का ऐलान मुख्यमंत्री द्वारा किया जाने पर राष्ट्रीय युवा महासंघ ने जताया हर्ष
राष्ट्रीय युवा महासंघ के अध्यक्ष इंजीनियर एल के निराला ने सुबे के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा जातीय गणना किए जाने के फैसला पर हर्ष जताते हुए कहा यह हम सबों के संघर्ष का परिणाम है। राष्ट्रीय युवा महासंघ के कार्यकर्ताओं ने गांव-गांव में जन जागृति का कार्यक्रम चलाकर जातीय जनगणना के लिए राज्य सरकार से लेकर केंद्र सरकार पर दवा बनाने का काम किया था अंततः माननीय मुख्यमंत्री के अध्यक्षता में सर्वदलीय बैठक में सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया आने वाले भविष्य के लिए एक ऐतिहासिक पैमाना होगा ।इस गणना के द्वारा सामाजिक शैक्षणिक और आर्थिक रूप से पिछड़े समाज के लिए विशेष रणनीति बनाकर गरीबी से उबारने का एक सुनहला कदम होगा। जातिय जनगणना तो पूरे देश में होना चाहिए था लेकिन केन्द्र सरकार की हठधर्मिता समझ से परे है राष्ट्रीय युवा महासंघ के अध्यक्ष इंजीनियर निराला ने कहा एक बार गणना होने से सामाजिक विकास को बल मिलेगा क्योंकि गणना के बाद ही पता चलेगा कि आज वर्तमान समय में कौन से जाति के पास कितना संसाधन है और कितना संख्या बल है जाति जनगणना की रिपोर्ट 1931 वाली है जो कि काफी पुरानी हो चुकी है और भारत जैसा विकसित देश इतने पुराने गणना पर अपना विकास का नया इबादत कैसे लिखेगा हम लोग पुण: केंद्र सरकार से भी आग्रह करेंगे कि पूरे देश में एक बार जाति जनगणना कराए ताकि समाज के सबसे निचले पायदान पर खड़े लोगों के संबंध में भी जानकारी जुटाई जा सके उनके शैक्षिक सामाजिक आर्थिक राजनीतिक और संसाधन पर कितने प्रतिशत आबादी का अनुसार भागीदारी है और कितनी होनी चाहिए पता चल सके। 5 अगस्त से मंडल कमीशन के प्रणेता बी पी मंडल के जन्म भूमि मूरहो मधेपुरा से 17 महीने के पैदल यात्रा हम लोग निकालेंगे और पूरे देश में घूम घूम कर लोगों से जातीय जनगणना तथा मंडल कमीशन के रिपोर्ट के बारे में जन जागृति फैलाएंगे कार से जातीय जनगणना देश स्तर पर करा कर ही मानेंगे। जो पार्टी जातीय जनगणना के विरोध में था आज किसी कारणवश वह भी हम सबों के एजेंडा पर अपना मोहर लगा दिया है लोकतंत्र में आबादी के आधार पर भागीदारी आवश्यक है इसलिए जाति जनगणना का रिपोर्ट भी आवश्यक है जीत किसी एक पार्टी की जीत नहीं है बल्कि सामाजिक न्याय की जीत है संघर्ष की जीत है सत्य की जीत है बहुजन नेताओं कीजीत है।हर्ष व्यक्त करने वालों में महासंघ के कार्यकर्ता दिलीप यादव कृष्णा राज जितेन्द्र सिंटू मेहता रुपेश कुशवाहा गुड्डू कुमार सज्जन शंभू सादा घुरण भारती ललिता देवी बिरेंद्र राम मनोज नंदकिशोर आदि

