भक्तिमय माहौल में मना नाग पंचमी पूजा, विषहरी स्थान में हुई बिशेष पूजा।

छातापुर।सुपौल।

नाग पंचमी का पर्व भक्तिमय माहौल में धूमधाम के साथ मनाया गया। नागपंचमी पूजा को लेकर दिनभर क्षेत्र का माहौल भक्तिमय बना रहा । मौके पर जहां आस्थावान श्रद्धालुओं द्वारा घर घर नागों समेत बिभिन्न देवी देवता की पूजा अर्चना की गई। जबकि कई विषहरी स्थानों में भी पूजा अर्चना का बिशेष व्यवस्था की गई थी। नागपंचमी पर्व खास पूजा है। इसका खास महत्व है। इसकी जानकारी देते हुए विषहरी स्थान के पूजन कर्ताओं द्वारा दिया गया। बताया गया कि  नाग पंचमी  पर नागों की पूजा का खास महत्व है। इस पर्व के दिन नाग का दर्शन भी शुभ है। इधर, नाग पंचमी को लेकर को सुबह से ही भगवान शिव के सबसे प्रिय नाग देवता के इस पर्व में घर घर महिलाओं ने विशेष पूजा अर्चना की। शिव मंदिरों में भक्तों की भीड़ देखने को मिली तो वहीं नागदेव का जगह जगह पूजन किया गया। लोगों ने कालसर्प दोष से मुक्ति के लिए विभिन्न मंदिरों, नदी व जलाशयों के पास पूजा अर्चना कराई। नागपंचमी के अवसर पर घर में सुख सम्पन्नता व समृद्धि के लिए सुबह परम्परागत परिधानों में सजी धजी महिलाओं और लड़कियों ने शिवमंदिर पहुंच पूजा अर्चना की। सुबह से घरों के बाहर गोबर से नाग देव का चिन्ह बनाकर उसकी पूजा व पुष्प अर्पित किए और सौभाग्य की कामना की। महिलाओं ने नागदेव की कथा भी सुनी। मंदिरों के बाहर मेले सा माहौल रहा। जबकि छातापुर सदर पंचायत के वार्ड 16 में गत वर्ष की भांति इस साल भी बिशहरी पूजा की गई।

यहां आस्थावान श्रद्धालु खोइचा भर तथा डाली लगाकर मन्नते मांगी। बड़ी संख्या में आस्थावान श्रद्धालु महिला पुरुष यहां के मैना बिशहरी स्थान नामक बिशहरी स्थान में अर्जी लगाए। जिसके निमित यहां के पूजगरी द्वारा उन्हें आशीर्वाद रूप में अक्षत भभूत तथा अन्य प्रसाद प्रदान किया गया। श्रद्धालुओं ने बताया की यहां के मैना बिशहरी स्थान नामक बिशहरी स्थान का काफी ख्याति है। सालों से यहां अर्जी लगाने बड़ी संख्या में भक्तों की भीड़ नाग पंचमी पूजा के दिन उमड़ती है। अब तक कइयों की मन्नते यहां पूरी भी हुई है। श्रद्धालुओं ने कहा सही नियत और सही कार्य के निमित लगाए जाने वाली अर्जी यहां पूरी होती आई है। बताया की हां अगर कोई गलत नीयत की अर्जी लगाते है तो उन्हें खास फल नही मिलता है। जबकि सच्चे मन और सद कार्य के काम पूरे होते है। बताया गया की यहां के
मैना बिशहरी स्थान नामक बिशहरी स्थान में प्राचीन काल से ही पूजा होती आ रही है। इसकी स्थापना रघुनि सिंह के नाना छट्ठू सिंह के द्वारा की गई थी। जबकि उनके वंशज इस पूजा को विधि वत जारी रखी है। यहां पुजगरी बिंदा देवी द्वारा यह पूजा अर्चना की जाती है। जिनके सहयोग में छातापुर वार्ड 16 समस्त श्रद्धालु ग्रामीण सक्रिय बने रहते है।

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