पिछड़ों और मजलूमों की आवाज थे कर्पूरी ठाकुर : प्रभात यादव

कहते थे कर्पूरी ठाकुर- हक चाहिए तो लड़ना सीखो, कदम-कदम पर अड़ना सीखो

 

दिवाकर कुमार , फारबिसगंज

सोमवार को फारबिसगंज प्रखंड क्षेत्र में जननायक कर्पूरी ठाकुर जी की जयंती मनाई गई। जननायक के तैलचित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। जिसकी अध्यक्षता समाजिक कार्यकर्ता प्रभात यादव ने किया। मौके पर मौजूद सामाजिक कार्यकर्ता प्रभात यादव ने कहा कि बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जननायक कर्पूरी ठाकुर किसानों-मजदूरों तथा गरीबों-पिछड़ों की आवाज थे। आज उनके विचारों को जीवंत करने की जरूरत है, ताकि समाज का सर्वांगीण विकास हो सके। हमें उनके व्यक्तित्व से सकारात्मक प्रेरणा मिलती है,

प्रभात ने उनके कहे शब्दों की चर्चा करते हुए उपस्थित लोगों से कहा कि उनका कहना था कि ‘हक चाहिए तो लड़ना सीखो, कदम-कदम पर अड़ना सीखो, जीना है तो मरना सीखो। उनकी इन्हीं बातों ने उन्हें मुख्यमंत्री, राजनेता के साथ-साथ आम जनों का नायक बना दिया। जिसके बाद लोग उन्हें जननायक कर्पूरी ठाकुर कहने लगे। कर्पूरी जी भारत छोड़ो आंदोलन के समय छात्र जीवन से ही राजनीतिक सफर की शुरुआत की। मौके पर मौजूद प्रमोद शर्मा, सुभम गुप्ता, चंदन कुमार, अमित कुमार यादव, अंकित कुमार, अवधेश कुमार, मयंक, नवनीत रौशन आदि दर्जनों लोग मौजूद थे।

Spread the love