भीमपुर पंचायत में मनरेगा में मजदूरों का रोजगार खा रहा है जेसीबी, ट्रैक्टर बना सहयोगी।।
बीरपुर/मनीष कुमार

सरकार के द्वारा गरीब मजदूरों को उनके गांव में ही रोजगार उपलब्ध करवाने के लिए सरकार के द्वारा चलाई जा रही महत्वाकांक्षी योजना महात्मा गांधी रोजगार गारंटी योजना में गरीब मजदूरों के रोजगार को जेसीबी निवाला बना रही है।जिसमे ट्रैक्टर सहयोगी बना हुआ है।दर्शल पंचायत में संचालित मनरेगा योजनाओं में मजदूरों के जगह जेसीबी व अन्य मशिनिरी उपकरण के द्वारा कार्य कर योजनाओं का क्रियान्वयन किया जा रहा है जिससे गरीब मजदूरों का रोजगार छीन रहा है।ताजा मामला भीमपुर पंचायत के वार्ड 04 का है जहाँ एस. एच 91 से बाएं की तरफ सड़क से लगभग डेढ़ सौ मीटर की दूरी पर एक निजी जमीन में मनरेगा योजना के तहत लगभग दो लाख की राशि से पोखर का निर्माण किया जा रहा है।योजना में कार्य कर रहे संवेदक के मनमानी का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है रविवार को पोखर खुदाई में मजदूरों की जगह दिन दहाड़े जेसीबी मशीन का उपयोग किया जा रहा है।एक तरफ जहां अभी अन्य बाहर के राज्यो से बिहारी मजदूरों (कामगारों) को मारपीट एवं प्रतारित करने का मामला सामने आ रहा है।वही पंचायत के मनरेगा योजनाओ में विभाग व पंचायत के जनप्रतिनिधियों के मिलिभगत से जेसिबी मशीन का प्रयोग कर मजदूरों का रोजगार तो छीना जा रहा वही सरकार के द्वारा मजदूरों को रोजगार उपलब्ध करवाने के दावे का पोल भी खोल रही है।लोगो की माने तो मनरेगा योजना में विभाग व पंचायत के मुखिया के मिलीभगत से आपराधिक परिवृत्ति वाले लोगो को मशीन से काम करवाने के लिए ठेका पर दिया जाता है।वही कार्य के बाद मजदूरों का कार्ड लगाकर योजनाओं का राशि भी निकासी की जाती है।जिसके बाद दबंगो के द्वारा उनके खाते से पैसे की भी निकासी कर ली जाती है।वही उक्त दबंगई संवेदकों के द्वारा योजनाओं से संबंधित शिकायत करने वाले लोगो से भी मारपीट करने से भी गुरेज नही करते है।निर्माण कार्य में लगे विभाग व जनप्रतिनिधियों के तीमारदारों को दबंगई ऐसी है कि मीडिया कर्मियों को निर्माण स्थल का चित्र उतारने तक कि इजाजत नही है।वही इस संबंध में पूछे जाने पर मनरेगा पीओ कौशल कुमार राय ने बताया कि योजना में किसी भी तरह से मशीन का प्रयोग नही किया जा सकता है।हमे जानकारी मिली है।इसमें संबंधित के ऊपर कारवाई की जाएगी।
वही पीटीए उमेश कुमार ने बताया कि लगभग दो लाख की राशि से पोखर का निर्माण होना है।अगर मशीन से काम कराया गया है तो जांच कर योजना की राशि भुगतान नही की जाएगी।।

