राघोपुर पंचायत में श्री मद भागवत कथा को लेकर निकाली भव्य कलश यात्रा

रिपोर्ट/ब्रजेश कुमार सिमराही राघोपुर

राघोपुर प्रखंड क्षेत्र के राघोपुर पंचायत वार्ड 6 में महेश्वर झा के निज आवास पर शनिवार को श्री मद भागवत कथा एवं दुर्लभ सत्संग का आयोजन हुआ। इससे पहले आयोजन स्थल से 151 कन्याओं ने गद्दी सहित विभिन्न गलियों से होकर कलश यात्रा निकाली।
ऋषिकेश से पहुंचे कथावाचक ब्रह्मचारी संत गोविन्द दास ने कहा कि ईश्वर ने आपको मानव शरीर दिया है जो आपके पूर्व जन्म की कठिन तपस्या से प्राप्त हुआ है। उन्होंने लोगों को अपने जीवन में सत्संग अपनाने को कहा। बाहरी और आंतरिक सत्संग से होने वाले फायदे बताए। संतों ने कहा कि भगवान शंकर कहते हैं कि बिनु सत्संग ना हरिकथा अर्थात सत्संग होने पर ही कथा होगी। सत्संग में सभी वेद पुराण समाहित रहते हैं और इसकी बहुत महिमा है। सत्यनारायण भगवान की कथा भी सत्संग ही है। संतों ने कहा कि सत्संग दो प्रकार से होते हैं। पहला है बाहरी सत्संग जो पूजा-पाठ करने को कहते हैं, दूसरा है आंतरिक सत्संग जो जप व तप करने को कहते हैं। आप अपने अंदर गोता लगाएं बाहरी सत्संग से प्रेरणा लेकर आंतरिक साधना करें। एकांत में बैठकर अपने आपका निरीक्षण करें, अपने को देखें कि हम कहां तक क्या कर रहे हैं। बाहर में हम जितना भी कुछ कर लें इससे इंद्रियों पर नियंत्रण नहीं होने वाला है। जप व तप जैसे एकांत साधना का जितना अभ्यास बढेगा उतना ही आपका मन इंद्रियों पर काबू कर सकेगा। तब हम परमात्मा का साक्षात्कार कर पाएंगे, कहा कि जिनके ऊपर हरि की कृपा होती है वहीं सत्संग के सानिध्य में आते हैं। सत्संग के प्रभाव से मनुष्य को अच्छी बुद्धि की प्राप्ति होगी, अच्छी बुद्धि से यश की प्राप्ति होती है और उनमें भलाई, नम्रता व शीलता आ जाती है। मालूम हो कि सत्संग का आयोजन 5 नवंबर से 11 नवंबर तक किया जाएगा।
मौके पर अनिल झा, संजय झा, सुभाष झा, संतोष झा, सुधीर झा, सहित सैकड़ों श्रोताओं की मौजूदगी रही।

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