राघोपुर में चार बदमाशों को बंदूक के साथ किया गिरफ्तार, भेजा जेल

कोसी इलाके में अपने खौफ से डराने वाला पारस साह भी गिरफ्तार

ब्रजेश कुमार के साथ सुरेश कुमार सिंह
सिमराही राघोपुर

थाना क्षेत्र के विष्णु मंदिर के समीप से पुलिस ने बुधवार की रात चार बदमाशों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की। मौके से एक पिस्तौल भी बरामद किया। सभी बदमाश लूट की घटना को अंजाम देने की फिराक में था। वहीं गिरफ्तार पारस पर कई थाना में गंभीर मामले में केस दर्ज था। पुलिस उसकी गिरफ्तारी के लिए तलाश कर रही थी।
मामले में थानाध्यक्ष रजनीश कुमार केशरी ने बताया कि गुप्त सूचना मिली कि राघोपुर पंचायत के लक्ष्मीपुर सायत स्थित एक टावर के पास पक्की सड़क पर एक बाइक के साथ चार बदमाश अपराधिक घटना को अंजाम देने की फिराक में लगे हैं। सूचना पर त्वरित कार्रवाई की गई।
इस दौरान पुलिस गाड़ी को देखकर सिमराही बाजार वार्ड 2 निवासी राजेश कुमार (19), पिपराही पंचायत के धर्मपट्टी वार्ड 3 निवासी आनंद कुमार उर्फ दुखी कुमार (19), पूर्णिया जिले के रानीपतरा थाना क्षेत्र के बेलौरी गांव निवासी पारस साह (34), धर्मपट्टी वार्ड 2 निवासी राजा कुमार (19) भागने लगा। जिसे पुलिस बलों के सहयोग से गिरफ्तार किया। जांच में आरोपी राजा के पास से एक पिस्तौल, पारस साह के पास से एक मोबाइल बरामद किया। वहीं मौके से एक बिना नंबर बाइक बरामद हुआ। पूछताछ में सभी आरोपियों ने बताया कि वे लोग बाइक लूट की घटना को अंजाम देने की फिराक में था। गिरफ्तार पारस ने बताया कि वह कई बार मधेपुरा, सहरसा जिले में लूट, डकैती और हत्या मामले में जेल जा चुका है।
गुरुवार को सभी आरोपियों के खिलाफ आर्म्स एक्ट सहित कई अन्य धाराओं में केस दर्ज कर जेल भेज दिया गया है।
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कोसी इलाके में अपने खौफ से लोगों को डरा रहा था पारस

कोसी क्षेत्र के सुपौल, मधेपुरा, सहरसा व अररिया जिला में आतंक का पर्याय बने पारस साह का इतिहास बेहद खौफजदा है। कई थाना में पारस के खिलाफ गंभीर धाराओं में केस दर्ज है।
बताया जाता है कि अपने चचेरे भाई की हत्या करने के बाद अपराध की दुनिया में पारस ने कदम रखा। अबतक पारस के खिलाफ कई जिलों में दर्जनों केस दर्ज हो चुके हैं। पुलिस को पारस की तलाश थी। वहीं पारस की गिरफ्तारी से कोसी इलाके के लोगों ने राहत की सांस ली। पारस साह का पुराना पता मधेपुरा जिले के गुलजारबाग रहा है। पारस साह की गिरफ्तारी के बाद कई संगीन मामलों का खुलासा हुआ है। इसका खुलासा कोई और नहीं बल्कि स्वयं पारस ने ही पुलिस के समक्ष किया है। पारस साह ने सन 2000 में सबसे पहले अपने चचेरे भाई सिकंदर साह की हत्या की। जिसमें उसे जेल हुआ। जहां उसकी मुलाकात कुख्यात अपराधी राकेश महतो, गुड्डू सिंह और संतोष केशरी के साथ हुई। 2003 में जेल से छूटने के बाद सबसे पहले उसने 36 हजार रुपये लूटा। फिर अपने ही वकील का अपहरण कर उससे 70 हजार रुपया फिरौती वसूला। फिर सुपौल के किशनपुर ग्रामीण बैंक से 2 लाख 32 हजार की लूट। मधेपुरा से सुपारी लदा एक ट्रक की लूट सहित कई अन्य संगीन घटनाओं को उसने अंजाम दिया। पारस साह गैस कटर से बैंक को लूटने व चोरी की घटना में एक्सपर्ट है। थानाध्यक्ष रजनीश कुमार केशरी ने बताया कि गिरफ्तार पारस पर धारा 302,394,395,364,457 सहित कई अन्य में केस दर्ज है। लूट, हत्या, आर्म्स एक्ट जैसे कई केस गिरफ्तार पारस पर दर्ज है।
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