(लापरवाही)
रेफरल अस्पताल राघोपुर में भर्ती मरीजों को हो रही परेशानी अनदेखी कर रहे कर्मचारी
रिपोर्ट/ब्रजेश कुमार सिमराही राघोपुर

सुपौल जिला के चर्चित अस्पतालों में शुमार रेफरल अस्पताल राघोपुर( एफ.आर.यु.) है। जहाँ इलाज के लिए मरीजों का जमावड़ा लगा रहता है। इस प्रमुख अस्पताल में औसतन हर दिन करीब तीन सौ से अधिक गर्भवती महिला का डिलेवरी के लिए भर्ती कराया जाता है। जबकि करीब पाँच सौ से अधिक मरीजों को ओपीडी में चिकित्सकों द्वारा देखा जाता है।रेफरल अस्पताल और पीएचसी दोनों साथ साथ होने के कारण सुबह से लेकर रात तक अस्पताल में मरीजों और परिजनों का भीड़ लगा रहता है। वही पिछले दिनों जब पत्रकार की टीम द्वारा अस्पताल में पड़ताल किया गया तो गर्भवती महिला वार्ड में कोई बेड पर चादर तक नही था। वही मरीजों का परिजन द्वारा बोला गया कि 24 घंटे बीत चुके हैं। लेकिन अभी तक बेड पर चादर तक नही दिया गया है।

वही मरीज के परिजनों नूरजहां खातुन, सुबेता खातून, सबीना खातुन, कौशल्या देवी ने बताया कि इस भीषण गर्मी में संक्रमण का खतरा बढ़ने की आशंका है। रोगियों को अपने बीमारियों के उपचार कराने के लिए विवश होकर पुराने बेड पर ही रहना पड़ता है।जहां सरकार के स्वास्थ्य विभाग द्वारा अनेक योजनाओं के तहत स्वास्थ्य सुविधा देने की बात करते हैं।लेकिन राघोपुर रेफरल अस्पताल में जाने के बाद ऐसा लग रहा है कि विभाग द्वारा स्वास्थ्य योजना इस अस्पताल में बिल्कुल प्रभावहीन हैं।
राघोपुर प्रखंड क्षेत्र के विभिन्न पंचायत, नगर पंचायत सिमराही सहित आसपास के क्षेत्र जैसे प्रतापगंज सरायगढ़ भपटियाही, छातापुर, बसंतपुर, पिपरा सहित अन्य क्षेत्र से भी मरीजों अपने उचित इलाज के लिए इस महत्वपूर्ण अस्पताल में आते हैं।
वही अस्पताल प्रबंधक अविनाश कुमार ने बताया कि अस्पताल का पहले से व्यवस्था बिगड़ा हुआ है। हम इसके बारे में कुछ जानकारी नहीं दे सकते है।

