जिलाधिकारी के आदेश के बावजूद नही हुई कार्यवाही, उड़ी आदेश की धज्जियां।
डेस्क सुपौल
सुपौल जिले के प्रतापगंज सीओ पर विभागीय दिशा निर्देश व आदेश की कोई असर दिखाई नहीं देता। जिस कारण उक्त सीओ के द्वारा विभागीय सरकारी आदेश का धज्जिया उड़ाई जा रही है। मामला प्रतापगंज थाना क्षेत्र के बेलही गांव स्थित चिलोनी मौजा से जुड़ा हुआ है। जहां एक रैयत अपने निजी जमीन से सरकारी अतिक्रमण हटाकर अपने जमीन व घर के सामने से गुजर रही सरकारी सड़क के अतिक्रमण को खाली कराकर उसपर सड़क बनवाने को लेकर दर दर भटक रहा है। जिसे लेकर रैयत प्रतापगंज थाना क्षेत्र के बेलही गांव निवासी रामू यादव ने स्थानीय स्तर के पदाधिकारी के कार्य शैली से थक हारकर अनुमंडल लोक शिकायत बीरपुर में मामला दर्ज करवाया।

लोक शिकायत में दर्ज आवेदन में रैयत रामू यादव ने कहा है की चिलोनी मौजा अंतर्गत खाता 510 खेसरा 547 में उसका घर बना हुआ है। उक्त जमीन उसे केवला से प्राप्त है। कहा है की उक्त जमीन के पश्चिम भाग से सरकारी सड़क गुजरती है जो पुराना एवं नया दोनों नक्सा में दर्ज है। उसके घर से पश्चिम व सड़क से पश्चिम हरिलाल यादव आदि लोगों का घर बना हुआ है। बताया है की हरिलाल यादव आदि के द्वारा सरकारी सड़क को अतिक्रमित कर उसपर घर बना लिया गया है। वहीं उसी लोगों के द्वारा जोर जबरदस्ती सरकारी सड़क की जमीन के बदले उसके निजी जमीन पर सड़क व ईट सॉलिंग बनवा दिया गया है। जिसे लेकर उसके द्वारा कई बार प्रतापगंज सीओ को लिखित आवेदन देकर उसके जमीन से अतिक्रमण खाली कराकर सरकारी जमीन पर सड़क बनाने का मांग किया गया। लेकिन सीओ प्रतापगंज के द्वारा अतिक्रमांकारियों से मोटी रकम लेकर मामला को अनसुना किया जा रहा है।

वहीं मामले में अनुमंडल लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी बीरपुर से सुनवाई करने हुए रैयत रामू यादव के आरोप को सत्य मानते हुए सीओ को आदेश देकर उक्त जमीन को खाली करवाने का आदेश दिया गया। लेकिन सीओ प्रतापगंज ने उक्त आदेश पर शिर्फ कागजी प्रक्रिया कर मामले को छोड़ दिया। तत्पश्चात पीड़ित से जिला लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी के पास अपील दायर किया। जिस पर जिला लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी ने भी सुनवाई करते हुए 15 दिनों के अंदर उक्त जमीन से अतिक्रमण खाली करवाने को लेकर सीओ को आदेश दिया साथ ही अनुमंडल पदाधिकारी को पुलिस बल उपलब्ध करवाने की बात कही। लेकिन उक्त आदेश को भी दो माह बीत जाने के बाद भी उक्त अतिक्रमण खाली करवाने को लेकर कोई कार्यवाई नहीं दिया। उसके बाद पीड़ित रैयत ने जिलाधिकारी को आवेदन देकर मामले में न्याय की गुहार लगाई है।
वहीं अंचलाधिकारी ने कहा कि इस संबंध में अनुमंडल पुलिस अधिकारी से सस्त्र बल के लिए आवेदन दिया गया । पुलिस बल मिलने के बाद कार्यवाही की जाएगी।

