भरगामा / अररिया :लवली आनंद को सुनने उमडा जनसैलाब।
●शिव शिष्य होकर सारे मनोरथ पुरे होते है।
दिवाकर कुमार, अररिया

भरगामा प्रखंड अंतर्गत मध्य विधालय महथावा के प्रागंण में साहब हरीन्द्रानंद की पुत्री लवली आनंद को सुनने जनसैलाब उमड पडा।आपको बता दे 1974 से शुरु हुआ शिव चर्चा आज एक एक लोगो के दिलो की आवाज बन चुकि है।।
गुरु चरचा मे आई लवली आनंद ने बताया की जिस महादेव की एक महिना पूजा कर हमारी इतनी मनोरथ पुरी हो सकती है अगर उसी महादेव की वर्ष भर पूजा की जाय तो कितनी मनोरथे पुरी होगी।।भगवान शिव की शिष्यता भी एक पूजा है।।
आज के परिवेश मे सामार्थ्य वान गुरु के अभाव में व्यक्ति भोग को नही भोगता बल्कि स्वयं भुक्त हो जाता है।हमारे साहब हरीन्द्रानंद कहते है शिव भोग भी देते है और भोगने की कला भी।इसलिए हमसबो को शिव शिष्य होना चाहिए।ऐसे भी वो घर घर के बाबा है वही बाबा गुरु भी है।अगर बाबा ही पढाए तो इसमें किसी को क्या दिक्कत हो सकती है।
वही इस आयोजन मे सैकडो मिल दुर से चलकर गुरु भाई बहन पहुँचे थे।एक साथ जाग जाग महादेव के गुँज से पुरा परिसर गुँजमान हो उठा।।

इस आयोजन को सफल बनाने मे गुरु भाई अरविंद ठाकुर,प्रदीप कुमार,कुमोद कुमार,उपेन्दर स्वर्णकार, मनोज साह पंकज राम,भूटो राम,सनदेव मुखिया,विवेकानंद साह,गुलाब शर्मा, जनकलाल शर्मा, रंजना देवी,रेखा देवी,पुनम देवी,लाखो देवी,रेणु श्रीवास्तव, हीरा श्रीवास्तव आदि गुरु भाई बहनो का अहम योगदान रहा।।

