गोरखपुर- सिलीगुड़ी एक्सप्रेस वे निर्माण की डीपीआर बनाने पहुंची कंसलटेंट एजेंसी।।
अमृत सागर झा,

उत्तर बिहार के 8 जिलों से गुजरने वाले गोरखपुर- सिलीगुड़ी एक्सप्रेस-वे (आर्थिक गलियारा) निर्माण के लिए डीपीआर बनाने की कवायद तेज हो गई है। कंसलटेंट एजेंसी यहां पहुंच गई है। एनएचएआई के गोरखपुर, मोतिहारी, दरभंगा, सुपौल तथा पूर्णिया प्रोजेक्ट यूनिट से संपर्क स्थापित कर कंसलटेंट एजेंसी गोरखपुर, कुशीनगर, पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, शिवहर, सीतामढ़ी, मधुबनी, सुपौल, अररिया, किशनगंज तथा पश्चिम बंगाल के दार्जलिंग में एलाइनमेंट के साथ-साथ सर्वेक्षण का भी काम शुरू कर दिया है। इससे पहले एनएचएआई के जीएम शशि भूषण ने यूपी ईस्ट, पटना तथा कोलकाता के आरओ (रिजनल ऑफिसर) को पत्र लिखकर भारत माला परियोजना फेज-2 के पैकेज 3 के तहत डीपीआर बनाने में कंसलटेंट एजेंसी एलएन मालवीय इंफ्रा प्रोजेक्ट प्रा. लि. को सहयोग करने को कहा है।
सुपौल, अररिया समेत आठ जिलों से गुजरेगा एक्सप्रेस-वे।।
प्रारंभिक एलाइनमेंट रिपोर्ट के अनुसार, गोरखपुर से सिलीगुड़ी तक प्रस्तावित 520 किमी एक्सप्रेस में से 416 किमी सड़क बिहार के पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, शिवहर, सीतामढ़ी, मधुबनी सुपौल, अररिया, किशनगंज तथा पश्चिम बंगाल के दार्जलिंग जिले से गुजरेगी। यह एक्सप्रेस-वे भारत-नेपाल के सीमावर्ती जिलों से गुजरेगा। पोरबंदर से सिलचर जाने वाली ईस्ट वेस्ट कॉरिडोर (एनएच-27) होकर यह एक्सप्रेस-वे करीब 30 किमी तक पार करेगा। नए ग्रीनफील्ड से गुजरने वाले इस एक्सप्रेस वे के निर्माण से पूर्वोत्तर भारत के असम समेत कई राज्यों के साथ ही उत्तर बिहार के 8 जिलों का पिछड़ेपन दूर होगा।

