बॉलीवुड के कई फिल्मों में अपनी दमदार एक्टिंग से करोड़ों लोगों का दिल जीत चुके शादाब रहबर खान  आज किसी परिचय के मोहताज नहीं हैं। लेकिन, बहुत कम लोग जानते हैं कि ज़मीं से आसमां तक के इस सफर को पूरा करने में उन्होंने कई उतार-चढ़ाव देखें हैं। इसको लेकर हमारे वरिष्ट संवाददाता प्रमोद कुमार(प्रेम आनंद) ने उनसे खास बातचीत की।

पटना से मुंबई तक का सफर कैसा रहा ?

जवाब :  पटना से मुंबई तक का सफर हर मायने में आनंदमय रहा, क्योंकि इस यात्रा में मैं बहुत कुछ सीखा है,इज्जत,शोहरत,कमाई मुंबई जैसे टाउन शहर में जिंदगी जीने का तरीका सिखा ।
मेरे घर का मुझे बहुत सपोर्ट मिला, खासकर मेरे छोटे भाई का सपोर्ट क्योंकि बड़े होने के नाते जो मुझे करना चाहिए वह सारा काम मेरे छोटे भाई करते हैं, इसलिए मैं अपनी फैमिली का भी शुक्रगुजार हूं।

अभिनय के लाइन में सबसे पहला मौका आपको किसने दिया ?

 

जवाब :  अभिनय करने की शुरुआत मैंने पटना दूरदर्शन पर प्रसारित होने वाले धारावाहिक *चुटकी भर सिंदूर* से किया था । 2004 में यह सीरियल पटना दूरदर्शन पर आता था।

आपकी पढ़ाई कहां तक हुई है ?

जवाब : डॉन बॉस्को स्कूल का स्टूडेंट रहा हूं मैं ,और पटना कॉलेज से ग्रेजुएशन किया मैंने और (BIHT) भारत इंस्टीट्यूट ऑफ़ हार्डवेयर टेक्नोलॉजी से डिप्लोमा इंजीनियरिंग किया मैंने।

आपकी शिक्षा दीक्षा कहां से हुई थी?

जवाब: मेरी शिक्षा दीक्षा पटना में ही हुई है

बचपन से आप क्या बनना चाहते थे ?

जवाब : मैं IS बनना चाहता था क्योंकि मेरे बड़े पापा खुद एक IPS थे, इसलिए मैं भी IS बनना चाहता था , लेकिन उम्र जैसे-जैसे बढ़ती गई मुझे Art से प्रेम होने लगा ।
थिएटर से जुड़ गया और मैं एक्टर बन गया।

आपके परिवार में कुल कितने सदस्य हैं?

जवाब :  मेरे परिवार में मम्मी पापा है और मेरा एक छोटा भाई और चार बहन है मैं सबसे बड़ा हूं।

आपकी फिल्मी सफर की शुरुआत कहां से हुई थी?

जवाब : मुझे फिल्म में काम करने की शुरुआत मुंबई से ही हुई थी ।
मेरी पहली फिल्म फाइनल मैच था ।
एक दिन की बात है कि मुझे बड़े भाई संतोष बादल कर का कॉल आया, उस वक्त में सीरियल की शूटिंग कर रहा था ।
मुंबई में ही मैं फोन पिक किया तो संतोष बादल सर ने कहा कि मेरी एक फिल्म है, फाइनल मैच जिसमें तुम प्यारेलाल लीड कर रहे हो तभी मुझे बेहद खुशी हुई और मैं संतोष बादल सर को धन्यवाद कहा ।

अब तक मैं आप कितने फिल्मों में काम कर चुके हैं।

जवाब : अब तक में मैंने लगभग एक दर्जन से ज्यादा फिल्में की है और आगे भी आप भाइयों की दुआ से कोशिश जारी है

अब तक में आप कितने फिल्मी हस्ती से मिल चुके हैं?

जवाब :  लगभग सभी बड़े कलाकारों से मुलाकात हुई है, और कई बड़े कलाकारों के साथ शूटिंग भी की है और आगे भी काम उसके साथ लाइनअप किए हुए हैं।

आपकी प्रारंभिक पढ़ाई जहां से शुरू हुई थी उस स्कूल का नाम और उस शिक्षक का नाम बताएं ?

जवाब : जो मेरा पहला स्कूल डे था वो बिहार शरीफ में हुआ था। बिहार शरीफ में एक बड़ा स्कूल था, जिसका नाम DM स्कूल था और टीचर का नाम एंथोनी सर था।

दरअसल मेरे पिताजी एक एडवोकेट है पापा उन दिनों पटना में नहीं बिहार शरीफ में वकालत करते थे और मुझे अपने पास ही रखते थे ।
पापा के कोर्ट के समय ही स्कूल था । मुझे स्कूल छोड़कर ही पापा कोर्ट जाते थे और रिटर्निंग में साथ लेकर ही आते थे।

फिल्मी लाइन में आगे आपका क्या सपना है?


मुझे Art यानी पीरियड फिल्मों में काम करना ज्यादा अच्छा लगता है ,क्योंकि इस तरह की फ़िल्मों मैं एक्टर की एक्टिंग स्किल निकलकर ऑडियंस के सामने आती है ।

कुछ इसी तरह की यादगार फिल्मों में काम करना चाहता हूं, ताकि दुनिया से जाने के बाद भी अपनी एक्टिंग स्किल के लिए जाना जाऊं ।
मालिक ने चाहा तो पटना में एक बेहतर एक्टिंग इंस्टिट्यूट खोलने का विचार है भविष्य में जहां गरीब बच्चे फ्री में एक्टिंग की क्लास कर सकते हैं और अच्छे एक्टर बन सकते है ।

फिल्मी दुनिया में आप किस कलाकार को आदर्श मानते हैं?

मुझे कभी भी किसी एक्टर की एक्टिंग देखकर इस बात का एहसास नहीं हुआ कि मुझे भी एक्टर बनना चाहिए।

मुझे Art से लगाव हुआ और धीरे-धीरे मुझे कला से प्रेम सा हो गया और मेरे अंदर एक्टर बनने की ख्वाहिश जगी और मैं फिर एक्टर बनकर एक्टिंग करने लगा।

नए कलाकारों के लिए आपका क्या संदेश रहेगा?


नए कलाकारों को यही कहना चाहूंगा कि वह सबसे पहले अपने अंदर की क्षमता को पहचाने की वो किस योग्य है ।

वो किस जोन में खुद को बेहतर साबित कर सकते हैं ।

आईने में खुद को देखकर एक्टर बनने का फैसला ना ले क्योंकि एक्टिंग के मैदान में उतरने के लिए हर तरह से परिपक्व होना चाहिए ।

सबसे पहले अपनी एजुकेशन को पूरा करें, फिर एक्टिंग सीखें,नाटक करें एक्टिंग कोर्स की किताबें भी पढ़ें ।

उससे एक्टिंग की थियोरेटिकल बेसिक नॉलेज स्ट्रांग होगी ,फिर कोई एक्टिंग एकेडमी भी ज्वाइन कर सकते हैं ।

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