सिमराही राष्ट्रीय राजमार्ग का पूल ढलाई क्षतिग्रस्त, एनएच के नीचे का नदी दिखाई पड़ रहा है।
रिपोर्ट:- विकास आनन्द के साथ ब्रजेश कुमार


भारत देश की प्रमुख राष्ट्रीय राजमार्ग एनएच 57 जो कि गुजरात के पोरवन्दर से असम के सिलचर तक फैला हुआ है जिसे कि ईस्ट वेस्ट कॉरिडोर भी कहते हैं। ये महत्वपूर्ण राष्ट्रीय राजमार्ग का महत्वपूर्ण भाग जिले के सिमराही बाजार होते हुए गुजरती है। गौरतलब है कि इस महत्वपूर्ण राजमार्ग पर सभी प्रदेशो के गाड़ियों का आवागमन लगातार लगा हुआ रहता है। लेकिन कुछ दिनों से सिमराही से निकलकर फारबिसगंज की ओर जाने वाली बांया लेन में सिमराही से पूरब गम्हरिया उपशाखा नहर के ऊपर बने पुल का बीच वाला भाग बुधवार की अहले सुबह में ही क्षतिग्रस्त हो गया है। एनएच पुल क्षतिग्रस्त भी इस हद तक है कि सड़क पुल के पिचिंग ढलाई का सभी भाग पुल में गिर चुका है,सड़क भाग में सिर्फ सरिया ही बचा हुआ है।इस कारण उक्त सड़क से होकर गुजरने वाली छोटी बड़ी वाहनों के चालक एवं आम लोगों के बीच बड़ी दुर्घटना का भय सताने लगी। हालांकि पुल छतिग्रस्त होने की सूचना पर एनएचएआई के द्वारा उक्त स्थान पर कर्मियों को भेज कर उस स्थान को रेडियम स्टैंड के घेरा में घेर दिया गया।

लेकिन उक्त पुल पर घेरा के अगल बगल से वाहनों का परिचालन लगातार जारी है। जबकि उक्त पुल भारी वाहनों के भार को नहीं सहने के कारण ही क्षतिग्रस्त हुआ है। फिर भी उक्त पुल होकर भारी वाहनों का आवागमन धरल्ले से जारी है। ऐसी इस हालत में बड़ी दुर्घटना को आमंत्रण दे रही है।

ज्ञातव्य हो कि ईस्ट वेस्ट कॉरिडोर एनएच 57 पर कोशी नदी के ऊपर बने पुल का 8 फरवरी 2012 को तत्कालीन केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री सीपी जोशी के द्वारा हुई उद्घाटन के बाद उक्त सड़क पर वाहनों का आवागमन शुरू हुआ था। लेकिन करीब करीब 12 वर्षो के बाद उसी सड़क पर सिमराही बाजार से पूरव गम्हरिया उपशाखा नहर पर बने सड़क पुल छतिग्रस्त हो गया है। जो उक्त सड़क निर्माण के गुणवत्ता बयां कर रही है। हालांकि उक्त पुल किस स्थिति में टूटी इसकी कोई भी एनएचएआई की अधिकारी आधिकारिक बयान देना नहीं चाह रहे है। वैसे इस मामले में एनएचएआई के पेट्रोलिंग इंचार्ज रामसुंदर रॉय ने बताया कि इस मामले में उसके वरीय अधिकारी ही कुछ बता सकते है।

