राघोपुर में एलएस और सीडीपीओ के मिलीभगत से प्रति माह लाखों का किया जा रहा है वसूली,

रिपोर्ट/ब्रजेश कुमार सिमराही राघोपुर

राघोपुर प्रखंड क्षेत्र अंतर्गत बाल विकास परियोजना कार्यालय में पदस्थापित सीडीपीओ और महिला पर्यवेक्षिका द्वारा प्रखंड क्षेत्र के विभिन्न आंगनवाड़ी केंद्रों के सेविका से मिलीभगत कर मनमानी पूर्वक केंद्रों का संचालन किया जा रहा है। जिस कारण कुपोषण को दूर भगाने का सरकार का उद्देश्य उक्त प्रखंड क्षेत्र में पूरा होता नहीं दिखाई दे रहा है। क्योंकि आंगनवाड़ी केंद्रों से हर माह कुपोषित, अतिकुपोषित बच्चे सहित, गर्भवती, धात्री महिला लाभुको को मिलने वाली टेक होम राशन की पूरे सामग्री उन्हें नहीं मिल पाता है। गौरतलब है कि मंगलवार को विभागीय निर्देशानुसार प्रखंड क्षेत्र के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों पर टीएचआर का वितरण किया जा रहा था। वहीं लोगों की सूचना पर जब प्रखंड क्षेत्र के विभिन्न आंगनवाड़ी केंद्रों का पड़ताल किया गया तो सभी केंद्रों पर पूरी तरह अनियमितता साफ दिखाई दिया।

बता दे कि आंगनवाड़ी केंद्रों से मिलने वाली टेक होम राशन में लाभुक के अनुसार सभी को अलग अलग मात्रा में दाल चावल, सोयाबरी, सोयाबीन तेल, मिक्स मसाला, और नमक दिया जाना है। लेकिन किसी भी केंद्र पर नमक, मिक्स मसाला और सोयाबीन तेल का वितरण नहीं किया जा रहा था। वही दाल, चावल और सोयाबरी भी सही अनुपात में नही दिया जा रहा था। पड़ताल के दौरान विभिन्न केंद्रों पर जाकर जब लाभुको से बात किया गया तो लाभुकों ने बताया कि उनलोगों को दाल, चावल और सोयाबरी तो हर माह मिल जाता है। लेकिन नमक, मिक्स मसाला और सोयाबीन तेल नहीं दिया जाता है। पड़ताल के दौरान जब फिंगलास पंचायत स्थित आंगनवाड़ी केंद्र संख्या 66 का पड़ताल किया गया तो केंद्र की सहायिका सीता कुमारी ने बताई की हर माह टीएचआर पंजी पास कराने में ऑफिस को 2200 (बाइस सौ) रुपया देना पड़ता है। तो कैसे वह नमक, मिक्स मसाला और सोयाबीन तेल का वितरण कर सकती है।

पूछने पर उन्होंने बताई की उसका एलएस नीलम कुमारी है। वही उनसे हर माह पंजी पास करने के नाम पर रुपया लेती है। वही दिन के 12 बजे पिपराही स्थित आंगनवाड़ी केंद्र संख्या 88 का पड़ताल करने पर सेविका रेखा देवी ने दो लाभुक को राशन दे रही थी। लाभुक से पूछने पर बताई की उनलोगों को दाल, चावल और सोयाबरी मिलता है। लेकिन तेल, नमक और मशाला नहीं मिलता है। सेविका ने बताई की उसके पति बाल विकास कार्यालय में काम करते है। इसलिए वह वितरण नहीं करती है।,आगे से दिया जाएगा। सेविका से स्टॉक दिखाने और स्टॉक पंजी मांगने पर असमर्थता जताई गई। वही करीब दिन के साढ़े 12 बजे सिमराही बाजार स्थित केंद्र संख्या 227 पर पहुचा तो सेविका तबस्सुम प्रवीण केंद्र पर मौजूद थी। लेकिन वहां टीएचआर वितरण का कार्य नही चल रहा था। उक्त केंद्र पर न कोई लाभुक था और न कोई पंजी मौजूद था,मांगने पर बताई की घर पर रखा है। पति को बुलाती हूं। वही पड़ताल के दौरान फिंगलास पंचायत के केंद्र संख्या 73 की सेविका रूपा कुमारी ने बताई की उसके केंद्र पर टीएचआर वितरण में लाभुक को तेल, नमक मसाला नही दिया था है। वही पड़ताल के दौरान रामबिशनपुर पंचायत स्थित केंद्र संख्या 231 का पड़ताल किया गया तो वहां तेल, नमक मसाला तो नही दिया जा रहा है। था, लेकिन चावल, दाल और सोयाबरी भी सरकरी मात्रा का आधा दिया जा रहा था। लाभुकों ने बताया की उनलोगों को तेल, नमक मसाला नही दिया जाता है। वहीं  डुमरी पंचायत का भी सभी केंद्रों पर वही हाल देखने को मिला। आलम यह है। कि राघोपुर प्रखंड क्षेत्र में कुल 283 आंगनवाड़ी केंद्र है।, जिसमें लगभग 275 केंद्र संचालित है। संचालित केंद्रों में 218 अतिरिक्त और 57 मिनी केंद्र शामिल है। जिसमें कुल 24 हजार 157 लाभुको को टीएचआर के माध्यम से लाभ पहुंचाना है। लेकिन प्रखंड क्षेत्र के किसी भी केंद्रों पर टीएचआर से मिलने वाली सामग्री नमक, तेल और मसाला नही मिलने से केंद्र की सेविका और बाल बिकास परियोजना कार्यालय में पदस्थापित एलएस और सीडीपीओ के मिलीभगत से प्रति माह लगभग 14 लाख का गबन किया जाता है।


इस बावत प्रभारी सीडीपीओ रजनी गुप्ता ने बताई की तेल नमक मसाला मिलाकर देना है। वही पंजी पास करने के बदले 2200 रुपया ऑफिस खर्च के बात पर उनका साफ तौर पर कहना है कि ऐसा कोई बात नही है ये सब बेबुनियाद बात है । लेकिन जब उन्हें सेविका का बयान दिखाया गया तो उन्होंने कहा कि जल्द ही इस मामले में जांच करवाई जाएगी  ।

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