गेट में ताला मार चल रहा विद्यालय भवन निर्माण कार्य, ग्रामीणों ने वरीय अधिकारी से जांच की मांग करते हुए,चल रहे कार्य में भरी अनिमियता का लगाया आरोप।।
रिपोर्ट:- अमृत सागर झा,बलुआ बाजार

सरकार के द्वारा शिक्षा के क्षेत्र में बच्चों का भविष्य सुदृढ़ हो सके, इसके लिए तमाम तरह की योजना चला रही है। साथ ही शिक्षा व्यवस्था को भी सुधारा जा रहा है। जहां ग्रामीण क्षेत्र में भी सरकार द्वारा बच्चों को हर सुविधा मुहैया कराई जा रही है। लेकिन ठीक इसके विपरीत नीचे बैठे अधिकारी या संबंधित संवेदक के द्वारा निर्माण कार्य में अनियमितता बरतने से परहेज नहीं आ रहे हैं। यही कारण है कि आए दिन स्कूल या विद्यालयों में पढ़ रहे बच्चों घटना के शिकार होते आ रहे है। जिससे हमेशा सरकार को किरकिरी झेलनी पड़ रही है। ताजा मामला छातापुर प्रखंड क्षेत्र के बलुआ बाजार का है। जहां बेहतर शिक्षा को देखते हुए प्लस टू राजकीय ललित नारायण उच्च विद्यालय परिसर में बिहार राज्य आधारभूत सरंचना से लगभग 1 करोड़ 30 लाख की लागत से विद्यालय का भवन निर्माण किया जा रहा है।

लेकिन संवेदक दीप नारायण यादव के द्वारा भवन निर्माण में भारी अनिमियता बरती जा रही है। जहां भवन निर्माण में संवेदक के द्वारा घटिया बालू सीमेंट व छड़ का धड़ल्ले से इस्तेमाल किया जा रहा है। इधर, ग्रामीणों के द्वारा शिकायत मिलने पर जब पत्रकारों ने कार्यस्थल पर पड़ताल के लिए पहुंचे तो विद्यालय का मेन गेट पर ताला जड़ा हुआ था, और अंदर में भवन निर्माण का कार्य किया जा रहा था। हालांकि पत्रकारों के गाड़ी को देख कुछ देर बाद जब मेन गेट को खोला गया तो अंदर का नजारा कुछ और ही बयान कर रहा था। पड़ताल के दौरान, जब कार्यस्थल पर बालू देखा गया तो निर्माण कार्य में इस्तेमाल हो रहे बालू लोकल मौजूद प्रतीत हो रहा था और उसी बालू से भवन में ईंट जोड़ने का काम किया जा रहा था। यही नहीं भवन में पिलर से लेकर बीम तक में 06 सरिया की जगह मात्र चार सरिया लगा हुआ था।

यही नहीं सरिया भी कई जगहों पर मात्र 6 एमएम से लेकर 8 एमएम का लगा हुआ पाया गया। हालांकि उस वक्त कार्यस्थल पर संबंधित संवेदक भी मौजूद थे। जिससे अनियमितता को लेकर सवाल करने पर कुछ भी बताने से इंकार करते नजर आए।
ग्रामीणों ने संवेदक पर बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ करने का लगाया आरोप।।

स्थानीय ग्रामीणों की माने तो भवन निर्माण कार्य संवेदक के द्वारा भारी मात्रा में अनियमितता बरती जा रही है। जिसका खामियाजा बच्चों को उठाना पड़ सकता है। ग्रामीणों का कहना था कि भवन निर्माण में स्थानीय नदी का बालू का उपयोग किया जा रहा है। जिसके कारण कभी भी घटना हो सकती है। ग्रामीणों का ये भी कहना था कि अगर कोई ग्रामीण निर्माण कार्य का जायजा लेने जाता है, तो उसे संवेदक के द्वारा डॉट फटकार कर भगा दिया जाता है। वही ग्रामीणों की माने तो संवेदक के द्वारा पिलर और बीम की निर्माण में भी सरिया की भारी कटौती की गई है। बताया कि भवन के छत निर्माण में घटिया सीमेंट बालू का इस्तेमाल किया गया है।
मामले को लेकर जानकारी मिली है और बुधवार को जांच किया जाएगा।।
इधर, संबंधित मामले को लेकर कोशी रेंज कार्यपालक अभियंता ने बताया कि मामले की जानकारी नहीं है। इसके लिए संबंधित लोगों से जानकारी लेकर बुधवार को कार्यस्थल पर सहायक अभियंता को भेजकर जांच कराई जाएगी।
– प्रमोद कुमार, कार्यपालक अभियंता, सहरसा।

