सार्वजनिक शौचालय नहीं होने से परेशानी, बाजार आने वाली महिलाओं को सबसे अधिक होती है परेशानी ।।

अमृत सागर झा,बलुआ बाजार

एक ओर जहां सरकार गांव से लेकर सभी जगहों को स्वच्छ रखने के लिए हर घर शौचालय का निर्माण कर ओडीएफ घोषित कर अपनी पीठ थपथपा रही है वहीं दूसरी ओर मुख्यालय में आमलोगों के लिए शौचालय की व्यवस्था नहीं होने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।
भीमपुर चौक पर शौचालय और मूत्रालय की व्यवस्था नहीं रहने के कारण आमलोगों एवं स्थानीय दुकानदारों को शौच के लिए इधर-उधर भटकना पड़ता है। वे गली कूचों का सहारा लेते हैं, या बाजार में ही सड़क किनारेगंदगी फैलाते हैं। इस गंदगी से राहगीरों, आमलोगों व बाजार में रहने वाले लोगों के खासी परेशानी का सामना करना पड़ता है। विशेष कर बाजार में आई महिलाओं को ज्यादा परेशानी होती है ऐसे में भीमपुर में एनएच-57 और एसएच-91 के गुजरने से बाजार में सामने हमेशा लोगों की भीड़ बनी रहती है। इन जगहों पर बाहर से भी लोगों का आना-जाना हमेशा लगा रहता है। वहीं मुख्य बाजार में खरीदारी के लिए हमेशा लोगों की भीड़ बनी रहती है, लेकिन लोगों को शौच के लिए परेशान होना पड़ता है। वे इधर-उधर जगह ढूंढते रहते हैं, दुकानदारों को भी अपनी दुकान छोड़ कर गलियों का रास्ता अख्तियार करना पड़ता है। जिससे हमेशा दुर्गंध आती रहती है। आसपास के दुकानदारों को दुकान पर बैठने में परेशानियों का सामना करना पड़ता है। भीमपुर मुख्य चौक पर एनएच और एसएच के कारण प्रतिदिन हजारों की संख्या में लोग प्रखंड, अंचल, पीएचसी थाना के अलावा अन्य जगह जाने के लिए बस टेम्पू व अन्य कार्य हेतु आवागमन करने आते हैं। जहां शौचालय नहीं रहने के कारण लोगों को लोकलज्जा को भी त्याग कर खुले में शौच करना पड़ता है।

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