दरभंगा से फारबिसगंज और सहरसा रेल परिचालन शुरू करने को लेकर चलाया गया ट्विटर ट्रेंड अभियान में 25 हजार ट्वीट्स किये गए, 2.5 लाख लोगों ने ट्वीट्स देखा”

रिपोर्ट:- विकास आनन्द, कोसी ब्यूरो, सुपौल


कोसी बाढ़ की विभीषिका झेल रही सुपौल जिला के लोगों को करीब 15वर्षों बीत जाने के बावजूद भी अब तक रेल सेवा का अनिवार्य हक भी सही तरीके से नही मिल पाया है। रेलवे परिचालन को लेकर क्षेत्र के लोगों ने विभिन्न तरीके से छोटे बड़े राजनेताओं और अधिकारियों को अब तक अलग अलग तरीके से माँग और खुशामद करते आए हैं। इसी रेलवे परिचालन के माँग के लिए कोसी,सीमांचल और मिथलांचल क्षेत्र के लोगो ने पिछले दिनों ट्विटर के माध्यम से इस माँग को रखने का काम किया है।

सहरसा से फारबिसगंज एवं फारबिसगंज से दरभंगा तक रेल परिचालन शुरू करने को लेकर रविवार को हजारों की संख्या में युवाओं ने हैशटैग रेल_सेवा_शुरू_करो के नाम से ट्विटर पर अभियान शुरू किया। करीब 10 बजे दिन से शुरू किए गए इस अभियान में देखते ही देखते ही हजारों की संख्या में युवाओं ने भाग लेकर इसे ट्रेंड करवाना शुरू कर दिया। जिसके बाद करीब तीन बजे तक ये 22 हजार पर ट्रेंड कर रहा था। रेल परिचालन शुरू करने हेतु सरकार को ट्विटर के माध्यम से जगाने के प्रयास में लगे युवाओं ने बताया कि सहरसा-फारबिसगंज रेलखण्ड 15 वर्षों के बाद और दरभंगा-फारबिसगंज रेलखण्ड पर 89 वर्षों के बाद भी आमान परिवर्तन कार्य पूर्ण किये जाने के बाद भी परिचालन शुरू नहीं किया गया है। बताया कि इस रूट के अंतिम चरण में नरपतगंज से फारबिसगंज के बीच के आमान परिवर्तन के कार्य का 11 जनवरी को ही सीआरएस निरीक्षण किया गया था।

जिसके बाद सीआरएस द्वारा 100 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से ट्रेन चलाने की अनुमति भी दी गयी । इस रेलखण्ड पर परिचालन शुरू करने हेतु पूर्व मध्य रेल के द्वारा सहरसा से ललितग्राम व दरभंगा से झंझारपुर तक चलने वाली डेमू का फारबिसगंज तक विस्तारीकरण, जोगबनी से सहरसा और जोगबनी से दानापुर के लिए नई ट्रेन चलाने का प्रस्ताव रेलवे बोर्ड नई दिल्ली को उसी समय भेजा गया। जहां लोगों में सहरसा से फारबिसगंज के बीच 15 वर्षों के बाद परिचालन शुरू होने वाला इंतज़ार है, वहीं इससे दरभंगा से फारबिसगंज रेलखण्ड भी 89 वर्षों के बाद जुड़ जाएगा। बताया कि गत मंगलवार को फारबिसगंज जंक्शन पर डीआरएम कटिहार द्वारा निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के बाद प्रेस वार्ता में उन्होंने बताया कि पूर्व मध्य रेल को हमलोगों ने कनेक्टिविटी दे दी है, हमलोग के तरफ से कार्य पूर्ण है। रेलवे बोर्ड से जब अनुमति मिलेगा, परिचालन शुरू कर दिया जाएगा। लेकिन सीआरएस निरीक्षण के 3 माह बाद भी परिचालन शुरू नहीं होने की वजह से लोगों का उत्सुकता अब आंदोलन का रूप लेता नजर आ रहा है। इसी कड़ी में रविवार को कोसी, सीमांचल, मिथिलांचल क्षेत्र के हजारों युवाओं ने सामूहिक रूप से प्रधानमंत्री, रेलमंत्री, रेल मंत्रालय, पूर्व मध्य रेल, डीआरएम समस्तीपुर, डीआरएम कटिहार सहित स्थानीय सांसद व विधायक को टैग करते हुए फारबिसगंज-सहरसा/दरभंगा रेलखण्ड पर प्रस्तावित ट्रेनों को अभिलंब चलाने का आग्रह किया है। जिसमें हैशटैग रेल_सेवा_चालू_करो के साथ करीब 21 हजार ट्वीट करते हुए ट्रेंड करवाया।

इधर युवाओं ने कहा कि अगर सरकार व रेल प्रशासन एक सप्ताह के अंदर इस रेलखण्ड पर परिचालन आरंभ नहीं करेगी तो आंदोलन के अगले कड़ी में विभिन्न स्टेशनों पर धरना जैसे कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। इस आंदोलन में मुख्य रूप से मयंक गुप्ता, उमेश गुप्ता, अरुण जायसवाल,रंजीत महाशेठ, दिलीप पूर्वे, विशेष ठाकुर,आशुतोष कुमार झा, प्रशांत वर्मा, आशुतोष कुमार, अमरदीप कुमार, राकेश रोशन, विनोद सरावगी, मांगी लाल गोलछा, बछराज राखेचा, मोनू कर्ण, मयंक वर्मा सहित हजारों युवाओं का अहम योगदान रहा।

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