पीरामल फाउंडेशन के गांधीफेलो द्वारा साप्ताहिक पर्यावरण दिवस कार्यक्रम का आयोजन।
कांके और ओरमांझी प्रखंड के अंतर्गत विभिन्न गांवों में पिरामल फाउंडेशन ने पर्यावरण दिवस के अवसर पर जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया। ओखरगरा, पतगाई, बारूह, ओयना, सदमा, सांती, बालू, तेनडर, खटनगा, चामा, बत्ता कंडू और मदनपुर, पित्थौरिया, सत्कनाडू, केल्ह्याकनाडू, चामा आदि जैसे गांवों , में गांधी फेलो विकास कुमार, सुजॉय दास, प्रियंका यादव, प्रज्ञा गार्गी और आदर्श जैन द्वारा इन कार्यक्रमों का संचालन किया गया।

जलशक्ति मंत्रालय के साथ सहयोग करते हुए, पीरामल फाउंडेशन की स्कूल ऑफ क्लाइमेट एंड सस्टेनेबिलिटी टीम का लक्ष्य इन गांवों में पानी के उपयोग का संरक्षण और अनुकूलन करना है। सिनियर प्रोग्राम मैनेजर विजेश चौधरी और प्रोग्राम लीडर कृति रानी रांची, झारखंड में गांधी फेलो के प्रयासों की देखरेख करते हुए टीम की परियोजनाओं का नेतृत्व करते हैं।

कार्यक्रम में बताया गया कि पर्यावरण दिवस हर साल 5 जून को मनाया जाता है। इसका उद्देश्य पर्यावरण के प्रति वैश्विक जागरूकता बढ़ाना और पर्यावरणीय मुद्दों के समाधान के लिए सामूहिक प्रयासों को प्रोत्साहित करना है। पर्यावरण दिवस हमें यह याद दिलाता है कि पृथ्वी और उसके संसाधनों का संरक्षण करना हमारी जिम्मेदारी है। यह दिन हमें अपने पर्यावरण के प्रति सचेत रहने और उसके संरक्षण के लिए ठोस कदम उठाने के लिए प्रेरित करता है। अगर हम सभी मिलकर प्रयास करें, तो हम अपने पर्यावरण को संरक्षित कर सकते हैं और आने वाली पीढ़ियों के लिए एक स्वस्थ और सुरक्षित वातावरण प्रदान कर सकते हैं।

1 से 3 तारीख़ तक विभिन्न गांवों में 18 कार्यक्रम आयोजित किए गए। आयोजनों में 48 आकर्षक गतिविधियाँ शामिल थीं, जिनमें प्लास्टिक की बोतलों से पक्षियों के लिए फीडर बनाना, मिट्टी परीक्षण, बहस, पर्यावरण चित्र, रैलियाँ, शपथ, मेहंदी प्रतियोगिता, अनुपयोगी सामग्री से उपयोगी सामग्री बनाना , साइकिल रेस, बंजर जमीन की मेढबंद्दी और पेड़ लगाने के बारे में जागरूकता बढ़ाना शामिल था। इन गतिविधियों के माध्यम से 700 से अधिक महिलाओं, 300 से अधिक बच्चों और 200 पुरुषों को पर्यावरण संरक्षण और जागरूकता के बारे में शिक्षित किया गया।
विश्व पर्यावरण दिवस पर मनाई जा रहे हैं कार्यक्रमों का सिलसिला यहीं खत्म नहीं हुआ है आयोजितों का कहना है कि आगामी दिनों में भी 5 जून तक विभिन्न प्रकार की ग्राम स्तरीय ग्राम पंचायत स्तर पर प्रखंड तथा जिला स्तर पर गतिविधियां निर्धारण एवं गतिशील है। इस कार्यक्रमों मे सभी जन, समुदाय, ग्रामीण आमंत्रित है |
कार्यक्रम में ग्रामीण लोग, जलसहिया, सहिया, वार्ड सदस्य, मुखिया, स्वयं सहायता समूह की सक्रिय महिलाएं और आंगनबाड़ी केंद्र की सेविका और सहायिका उपस्थित हुईं।
वहीं कई कार्यक्रमों में प्रखंड कृषि अधिकारी, प्रखंड टेक्नोलॉजी मैनेजर, ब्लॉक कोऑर्डिनेटर, पेयजल एवं स्वच्छता विभाग आदि भी शामिल रहे।
इन सभी की सहभागिता ने इस आयोजन को सफल और प्रभावी बनाया, जिससे सभी को पर्यावरण संरक्षण के महत्व का अहसास हुआ।

