मधेपुरा विश्वविद्यालय में अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन पर बवाल, ABVP ने राष्ट्रविरोधी मानसिकता का लगाया आरोप , जानिए वजह,।
मधेपुरा के भूपेंद्र नारायण मंडल विश्वविद्यालय (BNMU) में आयोजित होने वाले अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ने विश्वविद्यालय प्रशासन पर राष्ट्रविरोधी मानसिकता और भेदभाव का आरोप लगाया है।
विवाद की वजह
भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय की PM-USHA योजना के तहत इस सम्मेलन के लिए 44 लाख रुपये आवंटित किए गए हैं। ABVP का आरोप है कि इस फंड का उपयोग ऐसे लोगों को मंच देने के लिए किया जा रहा है जिनकी मानसिकता कथित तौर पर भारत विरोधी है।
आमंत्रित वक्ताओं पर सवाल

सम्मेलन में बांग्लादेश, फिलीस्तीन, सऊदी अरब और बहरीन के प्रोफेसरों को वक्ता के रूप में आमंत्रित किया गया है। ABVP का आरोप है कि इनमें से कुछ वक्ता भारत विरोधी बयान देने के लिए जाने जाते हैं। इसके अलावा, वक्ताओं की सूची में आधे से अधिक नाम एक ही विशेष समुदाय से हैं, जो विश्वविद्यालय की “सनातन विरोधी” मानसिकता को दर्शाता है।
विभागों के आवंटन पर सवाल
ABVP ने विश्वविद्यालय के प्रशासनिक फैसलों पर सवाल उठाते हुए कहा कि फिजिक्स (भौतिकी) और इंडियन फिलॉसफी (भारतीय दर्शन) जैसे गंभीर विषयों के सेमिनार की जिम्मेदारी उर्दू विभाग को दी गई है। परिषद के अनुसार, यह कदम विश्वविद्यालय की स्पष्ट और पक्षपाती मानसिकता को उजागर करता है।
उग्र आंदोलन की चेतावनी
ABVP उत्तर बिहार के पदाधिकारियों ने विश्वविद्यालय प्रशासन से इस मामले में अविलंब स्पष्टीकरण की मांग की है। परिषद ने चेतावनी दी है कि यदि संतोषजनक जवाब नहीं मिला, तो वे “उग्र आंदोलन” के लिए बाध्य होंगे। इस विरोध में पुरुषोत्तम कुमार, राकेश काशी और यज्ञवल्क्य शुक्ला जैसे प्रमुख छात्र नेता शामिल हैं।
सम्मेलन का विषय
विवादों के बीच, इस दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का आधिकारिक विषय “वर्तमान वैश्विक परिदृश्य में मानसिक स्वास्थ्य का महत्व” (Importance of Mental Health in the Present World Scenario) रखा गया है। इसे विश्वविद्यालय के मनोविज्ञान विभाग के उत्तर परिसर में आयोजित किया जाना प्रस्तावित है।

