रेफरल अस्पताल का नवनिर्मित 50 बेड वाला मॉडल अस्पताल हल्की आँधी में क्षतिग्रस्त।
विकास आनन्द, कोसी ब्यूरो चीफ

★दिख रहा है अस्पताल निर्माण में व्याप्त भ्रष्टाचार
★साढ़े तीन करोड़ के लागत से बना है मॉडल अस्पताल
★उदघाटन से पहले ही दिख गया भ्रष्टाचार
★दो महीने पहले भी लोगों के शिकायत पर डी एम सहित जाँच दल ने किया था जाँच
★स्थानीय लोगों ने की उच्च स्तरीय जाँच की माँग
सुपौल जिले के हॄदयस्थली सिमराही नगर पंचायत में राघोपुर रेफेरल अस्पताल परिसर में निर्माणाधीन 50 बेड का मॉडल अस्पताल का भवन हैंडओवर होने से पहले ही क्षतिग्रस्त हो गया है। इसको लेकर कार्य की गुणवत्ता पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। दरअसल, राघोपुर रेफरल अस्पताल परिसर में 50 बेड के नए भवन का निर्माण BMSICL द्वारा करवाया जा रहा है। BMSICL ने करीब साढ़े 3 करोड़ की लागत से निर्माणाधीन इस भवन का जिम्मा निर्माण एजेंसी शेखर पॉलिट्युब को सितंबर 2023 में सौंपा था।

निर्माण कार्य 4 महीने में पूरा करना था। हालांकि कार्य में देरी हुई और मार्च 2024 में BMSICL ने विभाग को भवन हैंडओवर के लिए पत्र भीलिख दिया। इस बीच जब सिविल सर्जन सहित जिले में स्वास्थ्य विभाग के तमाम आलाधिकारी जांच के लिए पहुंचे तो वाटर पाईप लाइन, शौचालय, सहित विद्युतीकरण का काम अधूरा था। लिहाजा अधिकारियों ने कार्य पूर्ण होने पर ही भवन हस्तांतरण की शर्त रख दी।इस बीच शुक्रवार की रात आई तेज आंधी ने निर्माणाधीन भवन के पोटीको का फॉल सीलिंग ध्वस्त कर दिया। वहीं, सीलिंग गिरने की वजह से फर्श भी क्षतिग्रस्त हो गया। इसके बाद स्थानीय लोग कार्य की गुणवत्ता को लेकर सवाल खड़े कर रहे हैं। लोगों का आरोप है कि संवेदक द्वारा कार्य में अनियमितता बरती जा रही है। इसकी वजह से भवन के अन्य हिस्सों में भी दुर्घटना की आशंका है।इधर, घटना के बाद सिविल सर्जन डॉ. ललन कुमार ठाकुर ने बताया कि BMSICL के वरीय अधिकारियों को सूचना दी गई है। उनसे आवश्यक जांच और कार्रवाई का अनुरोध किया गया है। फिलहाल, कुछ कार्य अधूरा होने के कारण निर्माणाधीन भवन का हस्तांतरण नहीं हुआ है।

वहीं, BMSICL के सहायक अभियंता संदीप कुमार के अनुसार निर्माण कार्य पूर्ण होने के बाद ही बीते दिनों हैंडोवर के लिए पत्र राघोपुर रेफरल अस्पताल के चिकित्सा प्रभारी को लिखा गया है। वही इस घटना से आक्रोशित स्थानीय मनीष भगत, चन्दू दास, उमेश गुप्ता, दिलीप पूर्वे,बिनय भगत,मयंक गुप्ता सहित सैकड़ो लोगों ने मॉडल अस्पताल निर्माण में व्याप्त भ्रष्टाचार के खिलाफ उच्च स्तरीय जाँच कर गुणवत्तापूर्ण निर्माण के लिए बिहार सरकार से माँग किया है।

