लक्ष्मी कान्त झा करजाईन
भागवत कथा के दौरान सुनाई समुद्र मंथन की कथा।
करजाईन : करजाईन पंचायत के वार्ड नंबर-9 में प्रो. बल्ली प्रसाद सिंह तथा शशि प्रसाद सिंह के आवास पर आयोजित सात दिवसीय संगीतमय श्रीमद भागवत कथा तथा अखंड हरिनाम संकीर्तन के तीसरे दिन सनातन भागवत परिवार वृदावन मथुरा से पधारे नारायण दासजी महाराज ने कहा कि देवताओं के चरणों में जो कुछ चढ़ जाए उसे पैर नहीं मारना चाहिए। उन्होंने कहा कि देवराज इंद्र ने दुर्वासा मुनि के प्रसादी माला का अपमान कर दिया। इसके चलते उन्हें श्रीहीन होना पड़ा। वो मारे-मारे फिरने लगे। स्वर्ग लोक का राज्य राजा बलि ने छीन लिया। महाराजजी ने समुंद्र मंथन की कथा सुनाते हुए कहा कि समुंद्र मंथन में निकले अमृत कलश को राक्षस लेकर भाग गया। इसके बाद भगवान विष्णु मोहनी का रूप धारण कर राक्षसों से अमृत कलश लेकर आए, जिसे देवतों ने पिया। इस मौके पर पूर्व विधायक उदय प्रकाश गोईत, नारायण प्रसाद शारदा,गौरीशंकर सिंह, बीके राय, भगवान सिंह, शैलेश सिंह, पवन सिंह, सत्येंद्र सिंह, मनमोहन सिंह, उपेंद्र सहनोगिया सहित बघैल परिवार के सदस्य सहित श्रद्धालू उपस्थित थे।

